Chapter 11.3 -Mimansa Darshan Sutras hindi english explanation।

११,३.१ — अङ्गानां मुख्यकालत्वाद्वचनादन्यकालत्वम्
हिन्दी:
अंगों (कर्म के भागों) का मुख्य समय तय होने पर, उनके अलावा अन्य समय नहीं लिया जाता। English:
When the main time for the components is fixed, other times are not considered.
११,३.२ — द्रव्यस्य कर्मकालनिष्पत्तेः प्रयोगः सर्वार्थः स्यात्स्वकालत्वात्
हिन्दी:
द्रव्य (वस्तु) के कर्म और काल के संबंध में प्रयोग उसी समयानुसार होता है, ताकि सभी अर्थ सिद्ध हों। English:
The application of a substance’s act in time occurs according to the proper timing to fulfill all purposes.
११,३.३ — यूपश्चाकर्मकालत्वात्
हिन्दी:
यदि यूप (अर्पण पात्र) का कर्म समय स्पष्ट न हो, तो उसका कर्म कालानुसार माना जाएगा। English:
If the Yupa’s (altar-post) act timing is unclear, it follows the act timing.
११,३.४ — एकयूपं च दर्शयति
हिन्दी:
एक ही यूप दिखाया जाता है। English:
Only one Yupa is indicated.
११,३.५ — संस्कारास्त्वावर्तेरन्नर्थकालत्वात्
हिन्दी:
संस्कार (क्रियाओं के संस्कार) का समय अवर्त (चक्र) के अनुसार तय होता है। English:
The timing of rituals is determined according to the cycle.
११,३.६ — तत्कालस्तु यूपकर्मत्वात्तस्य धर्मविधानात्सर्वार्थानां च वचनादन्यकालत्वम्
हिन्दी:
यूप कर्म का समय उसी धर्म विधान अनुसार सभी अर्थों के लिए तय होता है; अन्य समय का नियम नहीं। English:
The Yupa act timing is fixed according to Dharma rules for all purposes; no other time applies.
११,३.७ — सकृन्मानं च दर्शयति
हिन्दी:
कभी-कभी केवल मान (आधार) दिखाया जाता है। English:
Sometimes only the standard or measure is shown.
११,३.८ — स्वरुस्तन्त्रापवर्गः स्यादस्वकालत्वात्
हिन्दी:
स्वरूप या विधि का अपवर्ग समयानुसार ही निर्धारित होता है। English:
The form or procedural exemption is determined according to timing.
११,३.९ — साधारणे वानुनिष्पत्तिस्तस्य साधारणत्वात्
हिन्दी:
साधारण कर्मों में निष्पत्ति साधारण होने के कारण उसी सामान्य नियम का पालन होता है। English:
For ordinary acts, their completion follows general rules due to their ordinary nature.
११,३.१० — सोमान्ते च प्रतिपत्तिदर्शनात्
हिन्दी:
सोम (चाँद्र अनुष्ठान) के अंत में, प्रतिपत्ति (समझ) दर्शन के अनुसार होती है। English:
At the end of Soma, comprehension occurs according to observation.
११,३.११ — न चोत्पत्तिवाक्यत्वात्प्रदेशात्प्रस्तरे तथा
हिन्दी:
यदि उत्पत्ति वाक्य स्पष्ट नहीं है, तो क्षेत्र या प्रस्थान के अनुसार निर्णय लिया जाता है। English:
If the origin sentence is unclear, action is determined by location or arrangement.
११,३.१२ — अहर्गणे विषाणाप्रासनं धर्मविप्रतिषेधादन्ते प्रथमे वाहनि विकल्पः स्यात्
हिन्दी:
अहर्गण (दिवस के प्रारंभ) में विषाण (शंख) प्रयोग धर्म विपरीत न हो, तो पहले वाहन (प्रारंभिक कार्य) में विकल्प होगा। English:
At the day’s start, if the conch act is not against dharma, the first vehicle (initial act) is chosen.
११,३.१३ — पाणेस्त्वश्रुतिभूतत्वाद्विशाणानियमः स्यात्प्रातः सवनमध्यत्वाच्छिष्टे चाभिप्रवृत्तत्वात्
हिन्दी:
पाणियों के नियम (श्रुति आधारित) सुबह के समय और भोजन के मध्य या शिष्ट में पालन किए जाते हैं। English:
Rules for the hands (according to Shruiti) are followed in the morning, during midday, and in the meal offerings.
११,३.१४ — शिष्ठे चाभिप्रवृत्तत्वात्
हिन्दी:
शिष्ट (भोजन या यज्ञ) में भी वही क्रियाएं होती हैं। English:
In Shishta (offering or meal), the same actions are performed.
११,३.१५ — वाग्विसर्गो हविष्कृता वीजभेदे तथा स्यात्
हिन्दी:
वाग्विसर्ग (उच्चारण), हविष्कृता और बीज (बीज कर्म) में भी इसी प्रकार नियम लागू होते हैं। English:
In pronunciation, Havis offerings, and seed acts, the same rules apply.
११,३.१५ — वाग्विसर्गो हविष्कृता वीजभेदे तथा स्यात्
हिन्दी:
वाग्विसर्ग (उच्चारण), हविष्कृता और बीज (बीज कर्म) में भी इसी प्रकार नियम लागू होते हैं। English:
In pronunciation, Havis offerings, and seed acts, the same rules apply.
११,३.१६ — यथाह्वानमपीतिचेत्
हिन्दी:
यदि आवश्यक हो, तो यथाह्वान (यज्ञ या बुलावा) के अनुसार भी कार्य किया जा सकता है। English:
If needed, actions can be performed according to the prescribed call or ritual invitation.
११,३.१७ — पशौ च पुरोडाशे समानतन्त्रं भवेत्
हिन्दी:
पशु और पुरोडाश (अर्पण पात्र) में समान तन्त्र (क्रियाविधि) पालन किया जाएगा। English:
The same procedure applies to both the animal and the Yupa (altar-post).
११,३.१८ — अङ्गप्रधानार्थोयोगः सर्वापवर्गे विमोकः स्यात्
हिन्दी:
अंग प्रधानार्थ (मुख्य उद्देश्य) के अनुसार सभी अपवर्गों (क्रियाओं के चरणों) में विमोचन होता है। English:
According to the main purpose of the component, liberation occurs in all ritual sequences.
११,३.१९ — प्रधानापवर्गे वा तदर्थत्वात्
हिन्दी:
प्रधान अपवर्ग में ही उसका अर्थ स्पष्ट होता है। English:
The meaning is determined in the primary sequence.
११,३.२० — अवभृथे च तद्वत्प्रधानार्थस्य प्रतिषेधोऽपवृक्तार्थत्वात्
हिन्दी:
अवभृते (भिन्न कार्यों) में भी प्रधानार्थ का प्रतिषेध उसी अर्थ से होता है। English:
Even in varied acts, prohibition corresponds to the principal meaning.
११,३.२१ — अहर्गणे च प्रत्यहं स्यात्तदर्थत्वात्
हिन्दी:
अहर्गण (दिन के प्रारंभ) में प्रत्येक दिन, कार्य उसी अर्थ के अनुसार किया जाता है। English:
At the day’s start, every day’s action follows the intended purpose.
११,३.२२ — सुब्पह्मण्या तु तन्त्रं दीक्षावदन्यकालत्वात्
हिन्दी:
दीक्षा (आरंभिक संस्कार) की तरह, सबपाह्मण्य (सुसंगत क्रियाएं) का तन्त्र अन्य कालों में भी पालन होता है। English:
Like initiation rituals, sub-Pahmanya procedures are observed at other times as well.
११,३.२३ — तत्कालात्त्वादावर्तेत प्रयागतो विशेषसम्बन्धात्
हिन्दी:
तत्काल (सही समय) से ही अवर्त (चक्र) या प्रयाग का विशेष सम्बन्ध स्थापित होता है। English:
Special connections with cycles or pilgrimages arise only at the proper time.
११,३.२४ — अयोदाङ्गमिति चेत्
हिन्दी:
यदि कहा जाए “अयो दांग” (भाग न लेने वाला अंग), तो उसी के अनुसार निर्णय होगा। English:
If “Ayodang” is stated, actions follow accordingly.
११,३.२५ — प्रयोगनिर्देशात्कर्सृभेदवत्
हिन्दी:
प्रयोग के निर्देश के अनुसार, कार्य किसी प्रकार से भेदित होता है। English:
Actions are differentiated according to procedural instructions.
११,३.२६ — तद्भूतस्थानादग्निवदिति चेत्तदपरगस्तदर्थत्वात्
हिन्दी:
यदि कहा जाए “अग्निवदिति”, तो इसका अर्थ अन्य स्थानों में भी उसी प्रकार होता है। English:
If “Agnivadi” is stated, its meaning applies similarly in other contexts.
११,३.२७ — अग्निवदिति चेत्
हिन्दी:
अग्नि के समान — अर्थात, नियम अग्नि के अनुरूप होगा। English:
“Agnivadi” means the rule follows the nature of Agni.
११,३.२८ — न प्रयोगसाधारण्यात्
हिन्दी:
साधारण प्रयोग में नियम लागू नहीं होते। English:
Ordinary procedures do not follow strict rules.
११,३.२९ — लिङ्गदर्शनाच्च
हिन्दी:
लिंग (संकेत या चिन्ह) के दर्शन से भी अर्थ स्पष्ट होता है। English:
Meaning is also clarified by the observation of signs (linga).
११,३.३० — तद्धि तथेति चेत्
हिन्दी:
यदि कहा जाए “तद्धि तथेति”, तो उसी के अनुसार क्रियावली होती है। English:
If “Taddhi Tatheti” is stated, actions follow accordingly.
११,३.३१ — नाशिष्टत्वादितरन्यायत्वाच्च
हिन्दी:
यदि कोई कार्य पहले ही संपन्न हो चुका है (नाशिष्ट), तो अन्य नियम उसके लिए लागू नहीं होंगे। English:
If an action has already been completed, other rules do not apply.
११,३.३२ — विध्येकत्वादिति चेत्
हिन्दी:
यदि कहा जाए कि विधि (नियम) एक है, तो उसी एक विधि के अनुसार कार्य होगा। English:
If it is stated that the procedure is singular, the action follows that one rule.
११,३.३३ — न कृत्स्नस्य पुनः प्रयोगात्प्रधानवत्
हिन्दी:
पूर्ण रूप से किए गए कर्म का पुनः प्रयोग मुख्य कार्य के समान नहीं होगा। English:
A fully performed act is not repeated as if it were the primary act.
११,३.३४ — लौकिकेतु यथाकामी संस्कारानर्थलोपात्
हिन्दी:
लौकिक कारणों के अनुसार, इच्छानुसार संस्कार किए जा सकते हैं यदि उनका उद्देश्य समाप्त हो गया हो। English:
According to worldly causes, rituals can be performed as desired if their purpose has lapsed.
११,३.३५ — यज्ञायुधानि धार्येरन्प्रतिपत्तिविधानादृजीषवत्
हिन्दी:
यज्ञ में प्रयुक्त आयुध (साधन) यथायोग्य धार्य होते हैं, जैसे कि नियमों में निर्दिष्ट है। English:
The implements of the sacrifice are held appropriately, according to prescribed rules.
११,३.३६ — यजमानसंस्कारो वा तदर्थः श्रूयते तत्र यथाकामी तदर्थत्वात्
हिन्दी:
यजमान के संस्कार (कर्म) का उद्देश्य वहां स्पष्ट होता है और इच्छानुसार पालन किया जाता है। English:
The purpose of the patron’s ritual is clear there and followed according to desire.
११,३.३७ — मुख्यधारणं वा मरणस्यानियत्वात्
हिन्दी:
मुख्य कर्म को पालन नहीं करना मृत्यु के अनिश्चित समय के कारण है। English:
The principal act may not be performed due to the uncertain timing of death.
११,३.३८ — यो वा यजनीयेहनि म्रियेत सोऽधिकृतः स्यादुपवेषवत्
हिन्दी:
यदि कोई व्यक्ति यज्ञ में मर जाए, तो उसके अधिकारों की जगह अन्य व्यक्ति ले सकता है। English:
If someone dies during the sacrifice, another may take their role.
११,३.३९ — न शास्त्रलक्षणत्वात्
हिन्दी:
यदि शास्त्र में स्पष्ट संकेत नहीं है, तो नियम लागू नहीं होगा। English:
Without explicit scriptural indication, the rule does not apply.
११,३.४० — उत्पत्तिर्वा प्रयोजकत्वादाशिपवत्
हिन्दी:
किसी कर्म की उत्पत्ति उसके प्रयोजन (उद्देश्य) से होती है। English:
The origin of an act is due to its intended purpose.
११,३.४१ — शब्दासामझ्जस्यमिति चेत्
हिन्दी:
यदि कहा जाए कि शब्द समान है, तो उसका उपयोग समान अर्थ में होगा। English:
If it is stated that words are similar, their meaning is treated as identical.
११,३.४२ — तथाऽशिरेऽपि
हिन्दी:
तथापि, शेष स्थिति में भी अर्थ वही रहेगा। English:
Even in remaining cases, the meaning remains the same.
११,३.४३ — शास्त्रात्तु विप्रयोगस्तत्रैकद्रव्यचिकीर्षा प्रतावथेहापूर्वार्थवद्भूतोपदेशः
हिन्दी:
यदि शास्त्र में अलग उपयोग का निर्देश है, तो उसी पदार्थ के लिए पूर्व अर्थानुसार ही उपदेश होगा। English:
If scripture directs distinct use, instruction follows prior meaning for that material.
११,३.४४ — प्रकृत्यर्थत्वात्पौर्णमास्याः क्रियेरन्
हिन्दी:
पौर्णिमा की क्रियाएं उनके प्राकृतिक अर्थ के अनुसार होती हैं। English:
Full-moon rituals follow their natural intended purpose.
११,३.४५ — अग्न्याधेये वाविप्रतिषेधात्तानि धारयेन्मरणस्यानिमित्तवात्
हिन्दी:
अग्नि-स्थल पर कोई कार्य मृत्यु के कारण रोक नहीं सकता; अतः उसे वहां धारण किया जाता है। English:
Actions at the fire altar are not prohibited due to death; hence they are performed there.
११,३.४६ — प्रतिपत्तिर्वा यथान्येषाम्
हिन्दी:
अन्य व्यक्तियों के अनुसार प्राप्तियाँ (कर्म का फल) तय होती हैं। English:
The attainment of acts is determined according to others.
११,३.४७ — उपरिष्टात्सोमानां प्राजापत्यैश्र्तपन्तीति
हिन्दी:
सोम और प्रजापति यज्ञों में उच्च क्रम में कर्म संपन्न होते हैं। English:
In Soma and Prajapati sacrifices, acts are performed in higher order.
११,३.४८ — अङ्गविपर्यासोविनावचनादिति चेत्
हिन्दी:
यदि अंगों में विपर्यास (भिन्नता) है, तो वह वाक्य से स्पष्ट होता है। English:
If there is variation among parts, it is indicated by the statement.
११,३.४९ — उत्कर्षः संयोगात्कालमात्रमितरत्र
हिन्दी:
उत्कर्ष (प्रमुख प्रभाव) केवल संयोग और काल के अनुसार होता है, अन्यत्र नहीं। English:
Excellence or primary effect arises only according to conjunction and time, not elsewhere.
११,३.५० — प्रकृतिकालासत्तेः शस्त्रवतामिति चेत्
हिन्दी:
यदि कार्य प्राकृतिक काल में किया जाता है, तो वह शास्त्रवत् माना जाता है। English:
If an act occurs at its natural time, it is considered according to scripture.
११,३.५१ — न श्रुतिप्रतिषेधात्
हिन्दी:
यदि शास्त्र में कोई प्रतिषेध (निषेध) नहीं है, तो नियम लागू होता है। English:
If there is no prohibition in the scripture, the rule applies.
११,३.५२ — विकारस्थाने इति चेत्
हिन्दी:
कर्म का विकार (भिन्नता) उसी स्थान पर लागू होता है। English:
Variation in act applies at its place of occurrence.
११,३.५३ — न चोदनापृथक्त्वात्
हिन्दी:
यदि अलग आदेश नहीं है, तो कर्म अलग नहीं किया जाता। English:
Acts are not separated if no distinct instruction is given.
११,३.५४ — उत्कर्षे सूक्तवाकस्य न सोमदेवतानामुत्कर्षः पश्वनङ्गत्वाद्यथा निष्कर्षेनान्वयः
हिन्दी:
उत्कर्ष (मुख्य प्रभाव) केवल सूक्त वाक्य से और पशु अंगों के अनुरूप होता है, सोम देवताओं में नहीं। English:
Excellence arises according to the specific sentence and animal parts, not in Soma deities.
११,३.५५ — वाक्यसंयोगाद्वोत्कर्षः समानतन्त्रत्वादर्थलोपादन्नवयः
हिन्दी:
वाक्य के संयोग से उत्कर्ष होता है, और समान तंत्र होने पर अर्थ का अभाव (नष्ट होना) नहीं माना जाता। English:
Excellence arises from sentence conjunction; when the system is the same, loss of meaning is not inferred.
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