अथर्ववेदः/काण्डं १/सूक्तम् २३

नक्तंजातासि ओषधे - श्लोक 1

नक्तंजातासि ओषधे रामे कृष्णे असिक्नि - श्लोक 1

नक्तंजातासि ओषधे रामे कृष्णे असिक्नि च ।
इदं रजनि रजय किलासं पलितं च यत्॥१॥

Hindi:
हे देव! रात में उत्पन्न होने वाली औषधियाँ, चाहे वे रामा हों या कृष्णा, या असिक्नि जैसी हों, यह रजनी (रात) सभी का विस्तार और विकास करती है।

English:
O Deva! Herbs born at night, whether Rama, Krishna, or Asikni, are nurtured by the night, which spreads and develops them all.

Word by Word:
नक्तंजातासि = रात में उत्पन्न | ओषधे = औषधियाँ | रामे = राम (देव/उदाहरण) | कृष्णे = कृष्ण (देव/उदाहरण) | असिक्नि = असिक्नि (नाम) | इदं = यह | रजनि = रात | रजय = विस्तार / विकास | किलासं = फैलाना | पलितं = पोषित | च = और | यत् = जो
किलासं च पलितं च निरितो नाशया पृषत्।
आ त्वा स्वो विशतां वर्णः परा शुक्लानि पातय ॥२॥

Hindi:
रात ने इसे पोषित किया और उसे फैलाया; वह नाश से सुरक्षित रहे। आप स्वयं अपनी शक्ति से यह सुनिश्चित करें कि उज्जवल (शुभ) रंग सभी तक पहुँचे।

English:
The night has nurtured and spread it; may it be protected from decay. May you, by your power, ensure that bright (auspicious) colors reach all.

Word by Word:
किलासं = फैलाना | पलितं = पोषित | च = और | निरितो = नाश से | नाशया = नाश | पृषत् = सुरक्षित रहे | आ = आप | त्वा = आपकी | स्वो = अपनी | विशतां = शक्ति / प्रभाव | वर्णः = रंग | परा = शुभ / उज्जवल | शुक्लानि = शुद्ध / उज्जवल | पातय = पहुँचाओ
असितं ते प्रलयनमास्थानमसितं तव ।
असिक्नी अस्योषधे निरितो नाशया पृषत्॥३॥

Hindi:
आपके द्वारा असीत (काले) रंग का विनाश न हो और औषधियाँ असिक्नी के समान नाश से सुरक्षित रहें।

English:
May the black color not perish through your grace, and may herbs like Asikni be protected from decay.

Word by Word:
असितं = काला | ते = आपका | प्रलयनम् = विनाश | आस्थानम् = अस्तित्व / स्थान | असिक्नी = असिक्नी (नाम) | अस्य = इसकी | औषधे = औषधियाँ | निरितो = नाश से | पृषत् = सुरक्षित रहे
अस्थिजस्य किलासस्य तनूजस्य च यत्त्वचि ।
दूष्या कृतस्य ब्रह्मणा लक्ष्म श्वेतमनीनशम् ॥४॥

Hindi:
अस्थि, किलास और तनूज की रक्षा कीजिए। ब्रह्मणा (सृजनकर्ता) द्वारा श्वेत और शुभ गुणों की वृद्धि करें।

English:
Protect the bones, Kilasa, and Tanuja. By Brahma, increase the white and auspicious qualities.

Word by Word:
अस्थिजस्य = हड्डियों का | किलासस्य = किलास का | तनूजस्य = तनूज का | च = और | यत्त्वचि = आपके प्रभाव से | दूष्या = सुरक्षित रखो | कृतस्य = द्वारा किया | ब्रह्मणा = ब्रह्म द्वारा | लक्ष्म = शुभ | श्वेतमनीनशम् = सफेद और शुभ गुण

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