सुपर्णो जातः प्रथमः - श्लोक 1
सुपर्णो जातः प्रथमस्तस्य त्वं पित्तमासिथ ।
तदासुरी युधा जिता रूपं चक्रे वनस्पतीन् ॥१॥
तदासुरी युधा जिता रूपं चक्रे वनस्पतीन् ॥१॥
Hindi:
सुपर्ण प्रथम जन्मा हुआ; आप उसकी पीठिका बनें। उसकी शक्ति से असुर को पराजित कर वनस्पतियों का रूप निर्मित हुआ।
English:
Suparna was born first; you became its essence. By its power, the Asura was conquered and the forms of plants were created.
सुपर्ण प्रथम जन्मा हुआ; आप उसकी पीठिका बनें। उसकी शक्ति से असुर को पराजित कर वनस्पतियों का रूप निर्मित हुआ।
English:
Suparna was born first; you became its essence. By its power, the Asura was conquered and the forms of plants were created.
Word by Word:
सुपर्णो = पंखधारी | जातः = जन्मा | प्रथमः = पहला | तस्य = उसका | त्वं = आप | पित्तमासिथ = पीठिका बनो | तदासुरी = उस असुर से | युधा = युद्ध कर | जिता = विजय | रूपं = रूप | चक्रे = बनाया | वनस्पतीन् = पौधे
सुपर्णो = पंखधारी | जातः = जन्मा | प्रथमः = पहला | तस्य = उसका | त्वं = आप | पित्तमासिथ = पीठिका बनो | तदासुरी = उस असुर से | युधा = युद्ध कर | जिता = विजय | रूपं = रूप | चक्रे = बनाया | वनस्पतीन् = पौधे
आसुरी चक्रे प्रथमेदं किलासभेषजमिदं किलासनाशनम् ।
अनीनशत्किलासं सरूपामकरत्त्वचम् ॥२॥
अनीनशत्किलासं सरूपामकरत्त्वचम् ॥२॥
Hindi:
असुरी ने पहला किलास-औषधि निर्माण किया; इसने किलास का विनाश किया। सभी रूपों में यह औषधि अस्तित्व में आई।
English:
The Asuri created first the Kilasa-herb; it destroyed Kilasa. This herb came into being in all forms.
असुरी ने पहला किलास-औषधि निर्माण किया; इसने किलास का विनाश किया। सभी रूपों में यह औषधि अस्तित्व में आई।
English:
The Asuri created first the Kilasa-herb; it destroyed Kilasa. This herb came into being in all forms.
Word by Word:
आसुरी = असुरी | चक्रे = निर्मित किया | प्रथमम् = पहला | एतं = यह | किलासभेषजम् = किलास-औषधि | असनाशनम् = विनाश | अनीनशत्किलासम् = सभी रूपों में किलास | सरूपामकरत्त्वचम् = रूपों में उत्पन्न
आसुरी = असुरी | चक्रे = निर्मित किया | प्रथमम् = पहला | एतं = यह | किलासभेषजम् = किलास-औषधि | असनाशनम् = विनाश | अनीनशत्किलासम् = सभी रूपों में किलास | सरूपामकरत्त्वचम् = रूपों में उत्पन्न
सरूपा नाम ते माता सरूपो नाम ते पिता ।
सरूपकृत्त्वमोषधे सा सरूपमिदं कृधि ॥३॥
सरूपकृत्त्वमोषधे सा सरूपमिदं कृधि ॥३॥
Hindi:
माता का नाम सरूपा, पिता का नाम सरूप। इस औषधि को भी सरूप रूप में बनाए।
English:
The mother is named Sarupa, the father Sarupa; make this herb in Sarupa form.
माता का नाम सरूपा, पिता का नाम सरूप। इस औषधि को भी सरूप रूप में बनाए।
English:
The mother is named Sarupa, the father Sarupa; make this herb in Sarupa form.
Word by Word:
सरूपा = माता का नाम | ते = आपका/उसका | माता = माता | सरूपो = पिता का नाम | पिता = पिता | सरूपकृत्त्वम् = रूप देना | औषधे = औषधि | सा = यह | इदम् = यह | कृधि = करो
सरूपा = माता का नाम | ते = आपका/उसका | माता = माता | सरूपो = पिता का नाम | पिता = पिता | सरूपकृत्त्वम् = रूप देना | औषधे = औषधि | सा = यह | इदम् = यह | कृधि = करो
श्यामा सरूपंकरणी पृथिव्या अध्युद्भृता ।
इदमू षु प्र साधय पुना रूपाणि कल्पय ॥४॥
इदमू षु प्र साधय पुना रूपाणि कल्पय ॥४॥
Hindi:
पृथ्वी से उत्पन्न होने वाली औषधि का रूप श्याम रूप में बनाएँ। इसे पुनः औषधियों के रूपों में विकसित करें।
English:
Make the herb born from Earth in Shyama form; then recreate it in the forms of other herbs.
पृथ्वी से उत्पन्न होने वाली औषधि का रूप श्याम रूप में बनाएँ। इसे पुनः औषधियों के रूपों में विकसित करें।
English:
Make the herb born from Earth in Shyama form; then recreate it in the forms of other herbs.
Word by Word:
श्यामा = काला/श्याम | सरूपंकरणी = रूप देने वाली | पृथिव्या = पृथ्वी से | अध्युद्भृता = उत्पन्न | इदं = यह | मूषु = औषधि | प्र = पुनः | साधय = बनाओ | रूपाणि = रूप | कल्पय = उत्पन्न करो
श्यामा = काला/श्याम | सरूपंकरणी = रूप देने वाली | पृथिव्या = पृथ्वी से | अध्युद्भृता = उत्पन्न | इदं = यह | मूषु = औषधि | प्र = पुनः | साधय = बनाओ | रूपाणि = रूप | कल्पय = उत्पन्न करो


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