कर्मफल विवरण -आचार्य ज्ञानेश्वर
शिक्षक
व उपदेशक वेद की दृष्टि में
माता
का स्थान : वेद की दृष्टि में
पुरोहितों
का राष्ट्र हित में आह्वान
नेता
का वैशिष्ट्य : वेद की दृष्टि में
संसद
में जन-प्रतिनिधि: वेद की दृष्टि में
यशस्वी
सांसद: वेद की दृष्टि में
मृत्यु
के बन्धन से मुक्ति, अमृत से नहीं
भय और
चिन्ता से मुक्ति : क्या, क्यों, कैसे"
जीवन
क्या है, साक्षात मृत्यु का तांडव है,
अनियंत्रित
और नियंत्रीत मन में अंतर
अथ सृष्टि उत्पत्ति व्याखयास्याम्
पढ़ा
लिखा मूर्ख
और अनपढ़ विद्वान
मान्यता
आत्मा परमात्मा का अविश्वास
वैदिक
धर्म और सत युग का प्रारम्भ
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