शृंगार सतक श्लोक भाग 2, bhartrihari shrinagar satak part 2 sanskrit hindi english explanation

 

वक्त्रं चन्द्रविडम्बि पङ्कजपरीहासक्षमे लोचने
वर्णः स्वर्णमपाकरिष्णुरलिनीजिष्णुः कचानां चयः ॥
वक्षोजाविभकुम्भविभ्रमहरौ गुर्वी नितम्बस्थली
वाचां हारि च मार्दवं युवतिषु स्वाभाविकं मण्डनम् ॥ ९॥

हिन्दी व्याख्या:
युवती का मुख चन्द्रमा को भी लज्जित कर देता है, उसकी आँखें कमल को तुच्छ बना देती हैं। उसका रंग स्वर्ण से भी अधिक आकर्षक है, और केश मधुमक्खियों को भी जीत लेते हैं। स्तनों की पूर्णता और नितम्बों की गरिमा, साथ ही उसकी मधुर वाणी— ये सभी उसके स्वाभाविक आभूषण हैं, जिन्हें अलग से सजाने की आवश्यकता नहीं।

English Explanation:
A maiden’s face outshines the moon, her eyes surpass the beauty of lotuses. Her complexion excels gold, and her hair conquers even swarms of bees. Her form and graceful speech— all these are her natural ornaments, needing no embellishment.

द्रष्टव्येषु किमुत्तमं मृगदृशः प्रेमप्रसन्नं मुखं
घ्रातव्येष्वपि किं? तदास्यपवनः, श्रव्येषु किं? तद्वचः ॥
किं स्वाद्येषु? तदोष्ठपल्लवरसः; स्पृश्येषु किं ? तद्वपुः
ध्येयं किं? नवयौवनं सहृदयैः सर्वत्र तद्विभ्रमाः ॥ १०॥

हिन्दी व्याख्या:
देखने योग्य वस्तुओं में सबसे श्रेष्ठ क्या है? मृगनयनी का प्रेम से भरा मुख। सूंघने योग्य क्या है? उसके मुख की सुगंध। सुनने योग्य क्या है? उसकी मधुर वाणी। स्वाद में श्रेष्ठ क्या है? उसके अधरों का रस। स्पर्श में क्या श्रेष्ठ है? उसका शरीर। और ध्यान करने योग्य क्या है? उसका नवयौवन और उसकी चंचल लीलाएँ।

English Explanation:
What is the best to see? The loving face of a doe-eyed maiden. What to smell? The fragrance of her breath. What to hear? Her sweet words. What to taste? The nectar of her lips. What to touch? Her body. What to meditate upon? Her youthful charm and graceful movements.

एताश्चलद्वलयसंहतिमेखलोत्थ
झंकारनूपुरपराजितराजहंस्यः ॥
कुर्वन्ति कस्य न मनो विवशं तरुण्यो
वित्रस्तमुग्धहरिणीसदृशैः कटाक्षैः ॥ ११॥

हिन्दी व्याख्या:
तरुणियों के चलने पर उनके कंगन, करधनी और नूपुरों की ध्वनि राजहंसों के मधुर स्वर को भी मात दे देती है। उनके चंचल और भयभीत मृगनयनी जैसे कटाक्ष किसके मन को वश में नहीं कर लेते?

English Explanation:
The jingling of bangles, girdles, and anklets of maidens outshines even the graceful sound of royal swans. Their shy, deer-like glances— who can resist being enchanted by them?

कुङ्कुमपङ्ककलङ्कितदेहा गौरपयोधरकम्पितहारा ।
नूपुरहंसरणत्पदपद्मा कं न वशीकुरुते भुवि रामा ? ॥ १२॥

हिन्दी व्याख्या:
जिसका शरीर कुमकुम से सुशोभित है, जिसके स्तनों की गति से हार हिलता है, और जिसके चरणों में नूपुर हंसों की तरह मधुर ध्वनि करते हैं— ऐसी रमणी इस संसार में किसे वश में नहीं कर लेती?

English Explanation:
Her body adorned with saffron marks, her necklace trembling with her graceful movement, and her anklets singing like swans— such a woman can enchant anyone in this world.

नूनं हि ते कविवरा विपरीतबोधा
ये नित्यमाहुरबला इति कामिनीस्ताः ॥
याभिर्विलोलतरतारकदृष्टिपातैः
शक्रादयोऽपि विजितास्त्वबलाः कथं ताः ? ॥ १३॥

हिन्दी व्याख्या:
जो कवि स्त्रियों को “अबला” कहते हैं, वे निश्चित ही भ्रमित हैं। जिनकी चंचल, तारों के समान चमकती दृष्टि मात्र से इन्द्र जैसे देवता भी जीत लिए जाते हैं, उन्हें भला “निर्बल” कैसे कहा जा सकता है?

English Explanation:
Those poets who call women “weak” are surely mistaken. With their sparkling, restless glances, even gods like Indra are conquered— how then can they be called weak?

नूनमाज्ञाकरस्तस्याः सुभ्रुवो मकरध्वजः ।
यतस्तन्नेत्रसञ्चारसूचितेषु प्रवर्तते ॥ १४॥

हिन्दी व्याख्या:
ऐसा प्रतीत होता है कि कामदेव भी उस सुन्दर भौंहों वाली स्त्री के अधीन है। क्योंकि वह केवल उसकी आँखों के संकेत के अनुसार ही कार्य करता है।

English Explanation:
It seems even the god of love (Kāmadeva) obeys her commands, for he acts only according to the movements of her eyes.

केशाः संयमिनः श्रुतेरपि परं पारं गते लोचने
अन्तर्वक्त्रमपि स्वभावशुचिभिः कीर्णं द्विजानां गणैः ॥
मुक्तानां सतताधिवासरुचिरौ वक्षोजकुम्भाविमा
वित्थं तन्वि! वपुः प्रशान्तमपि ते क्षोभं करोत्येव नः ॥ १५॥

हिन्दी व्याख्या:
हे सुन्दरी! तुम्हारे केश संयमी (वैरागी) जैसे हैं, तुम्हारी आँखें ज्ञान की सीमा को पार कर जाती हैं, तुम्हारा मुख शुद्धता से युक्त है, और तुम्हारे वक्षस्थल मानो मुक्ताओं के निवास स्थान हैं। ऐसा शांत और पवित्र रूप होते हुए भी तुम्हारा सौंदर्य हमारे मन में हलचल उत्पन्न कर देता है।

English Explanation:
O slender beauty! Your hair resembles ascetics, your eyes transcend even the limits of knowledge, your face is pure, and your bosom shines like a seat of pearls. Though your form appears calm and serene, it still disturbs the hearts of observers.

सति प्रदीपे सत्यग्नौ सत्सु नानामणिष्वपि ।
विना मे मृगशावाक्ष्या तमोभूतमिदं जगत् ॥ १६॥

हिन्दी व्याख्या:
दीपक होते हुए, अग्नि होते हुए, और अनेक रत्नों के प्रकाश होते हुए भी— उस मृगनयनी के बिना यह सम्पूर्ण जगत मेरे लिए अंधकारमय है।

English Explanation:
Even with lamps, fire, and shining jewels present, without that doe-eyed maiden, this entire world appears dark to me.

shrinagar satak part 1 hindi english explanation

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