अथर्ववेदः/काण्डं १/सूक्तम् १२

जरायुजः प्रथम उस्रियो - श्लोक 1

जरायुजः प्रथम उस्रियो वृषा वाताभ्रजा - श्लोक 1

जरायुजः प्रथम उस्रियो वृषा वाताभ्रजा स्तनयन्न् एति वृष्ट्या। स नो मृडाति तन्व ऋजुगो रुजन् य एकमोजस्त्रेधा विचक्रमे ॥१॥
Hindi:
पहली बारिश के समय, वाताभ्रजा और वृष्टि से जीवन को पोषण मिले। यह हमारी भूमि और वनस्पतियों को समृद्ध करे।

English:
At the first rain, may life be nourished by the rain and air-born clouds. Let it enrich the land and vegetation.

Word by Word:
जरायुजः = पहला जन्म | प्रथम = प्रथम | उस्रियो = वर्षा | वृषा = वर्षा | वाताभ्रजा = हवा से उत्पन्न बादल | स्तनयन्न् = वर्षा करता है | एति = यह | वृष्ट्या = बारिश से | स = वह | नो = हमारे लिए | मृडाति = पोषण करे | तन्व = भूमि | ऋजुगो = सरल | रुजन् = उत्तम | य = जो | एकमोजस्त्रेधा = तीनों प्रकार में | विचक्रमे = फैल जाए
अङ्गेअङ्गे शोचिषा शिश्रियाणं नमस्यन्तस्त्वा हविषा विधेम। अङ्कान्त्समङ्कान् हविषा विधेम यो अग्रभीत्पर्वास्या ग्रभीता ॥२॥
Hindi:
सभी अंगों और हिस्सों में जीवन को पोषण प्राप्त हो। पर्वतों और वनस्पतियों में सुरक्षा बनी रहे।

English:
May all limbs and parts receive nourishment. Let mountains and vegetation remain protected.

Word by Word:
अङ्गेअङ्गे = हर अंग में | शोचिषा = जीवन | शिश्रियाणं = नवजात | नमस्यन्तः = सम्मानित | त्वा = तुम | हविषा = यज्ञ/बलि | विधेम = दें | अङ्कान्त्समङ्कान् = सभी अंग | अग्रभीत् = पहले पैदा हुए | पर्वास्या = पर्वत में | ग्रभीता = संरक्षित
मुञ्च शीर्षक्त्या उत कास एनं परुष्परुराविवेशा यो अस्य। यो अभ्रजा वातजा यश्च शुष्मो वनस्पतीन्त्सचतां पर्वतांश्च ॥३॥
Hindi:
सभी ऊंचाइयों और वनस्पतियों में जीवन प्रवाहित हो। वात से उत्पन्न जीव शक्ति प्रदान करे।

English:
Let life flow through all heights and vegetation. May wind-born energy strengthen life.

Word by Word:
मुञ्च = फैलाओ | शीर्षक्त्या = ऊँचाइयों में | उत = और | कास = ऊँचाई | एनं = इस | परुष्परुराविवेशा = वनस्पति | यो = जो | अस्य = इसका | अभ्रजा = हवा से उत्पन्न | वातजा = वायु से जन्मा | यश्च = और | शुष्मो = सूक्ष्म | वनस्पतीं = वनस्पति | स = सभी | च | पर्वतांश्च = पर्वत के हिस्से
शं मे परस्मै गात्राय शमस्त्ववराय मे। शं मे चतुर्भ्यो अङ्गेभ्यः शमस्तु तन्वे मम ॥४॥
Hindi:
मेरे शरीर और चारों अंगों में शांति और सुरक्षा बनी रहे।

English:
May my body and all four limbs be protected and at peace.

Word by Word:
शं = शांति | मे = मेरे लिए | परस्मै = शरीर में | गात्राय = शरीर | शमः = शांति/सुरक्षा | त्ववराय = अंगों में | चतुर्भ्यो = चारों | अङ्गेभ्यः = अंगों में | तन्वे = शरीर | मम = मेरा

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