अथर्ववेदः/काण्डं १/सूक्तम् १३

नमस्ते अस्तु विद्युते - श्लोक 1

नमस्ते अस्तु विद्युते नमस्ते स्तनयित्नवे - श्लोक 1

नमस्ते अस्तु विद्युते नमस्ते स्तनयित्नवे।
नमस्ते अस्त्वश्मने येना दूडाशे अस्यसि ॥१॥

Hindi:
विद्युत और दूध देने वाली शक्ति को प्रणाम। वे हमारे जीवन में समृद्धि और पोषण प्रदान करें।

English:
Salutations to the energy of lightning and the giver of milk. May they provide prosperity and nourishment in our lives.

Word by Word:
नमस्ते = प्रणाम | अस्तु = हो | विद्युते = विद्युत को | स्तनयित्नवे = दूध देने वाली | अस्त्वश्मने = हो शक्ति | येना = जिसके द्वारा | दूडाशे = दूध | अस्यसि = यह है
नमस्ते प्रवतो नपाद्यतस्तपः समूहसि।
मृडया नस्तनूभ्यो मयस्तोकेभ्यस्कृधि ॥२॥

Hindi:
सभी नदियों और स्रोतों को प्रणाम। वे हमारे अंगों और शरीर को पोषण दें।

English:
Salutations to the flowing rivers. May they nourish our limbs and body.

Word by Word:
नमस्ते = प्रणाम | प्रवतो = प्रवाहों को | नपाद्यतस्तपः = नदियों और स्रोतों को | समूहसि = जोड़ना / संकलित करना | मृडया = पोषण से | नस्तनूभ्यः = हमारे अंगों को | मयस् = हमारे | तोकेभ्यः = शरीर को | कृधि = दें
प्रवतो नपान् नम एवास्तु तुभ्यं नमस्ते हेतये तपुषे च कृण्मः।
विद्म ते धाम परमं गुहा यत्समुद्रे अन्तर्निहितासि नाभिः ॥३॥

Hindi:
स्रोतों को प्रणाम। हम तुम्हारे पवित्र धाम और समुद्र में अंतर्निहित शक्तियों को जानते हैं।

English:
Salutations to the streams. We know your sacred abode and the powers hidden in the ocean.

Word by Word:
प्रवतो = प्रवाह | नपान् = नदियों | नम = प्रणाम | एवास्तु = हो | तुभ्यं = तुम्हारे लिए | हेतये = उद्देश्य के लिए | तपुषे = शक्ति | कृण्मः = करें | विद्म = हम जानते हैं | ते = तुम्हारे | धाम = धाम / निवास | परमं = परम | गुहा = गुफा | यत्समुद्रे = जो समुद्र में है | अन्तर्निहितासि = अंतर्निहित है | नाभिः = भीतर
यां त्वा देवा असृजन्त विश्व इषुं कृण्वाना असनाय धृष्णुम्।
सा नो मृड विदथे गृणाना तस्यै ते नमो अस्तु देवि ॥४॥

Hindi:
देवताओं ने तुम्हें इस संसार में स्थापित किया। हम तुम्हारे प्रति सम्मान प्रकट करते हैं, हे देवी।

English:
The gods have placed you in this world. We offer our homage to you, O Goddess.

Word by Word:
यां = जिसे | त्वा = तुम | देवा = देवता | असृजन्त = स्थापित किया | विश्व = संसार | इषुं = में | कृण्वाना = किया | असनाय = वह | धृष्णुम् = हमारी श्रद्धा | सा = यह | नो = हमारे लिए | मृड = पोषण | विदथे = प्रदान करें | गृणाना = सराहना | तस्यै = उसके लिए | ते = तुम्हारे लिए | नमो = प्रणाम | अस्तु = हो | देवि = देवी

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