अथर्ववेदः/काण्डं १/सूक्तम् ११

वषट्ते पूषन्न् अस्मिन्त्सूतावर्यमा - श्लोक 1

वषट्ते पूषन्न् अस्मिन्त्सूतावर्यमा - श्लोक 1

वषट्ते पूषन्न् अस्मिन्त्सूतावर्यमा होता कृणोतु वेधाः। सिस्रतां नार्यृतप्रजाता वि पर्वाणि जिहतां सूतवा उ ॥१॥
Hindi:
हे पूषन्, इस सृष्टि में सूतावर्य को शक्ति प्रदान करो और वेधों को सफल बनाओ। प्रजा और पर्वों के लिए सुरक्षा सुनिश्चित करो।

English:
O Pushan, grant power to Sootavarya in this creation and make the sacrifices successful. Ensure protection for the people and the festivals.

Word by Word:
वषट्ते = हे पूषन् | पूषन् = सूर्य / पालन करने वाला | अस्मिन् = इस | सूतावर्यमा = सूतावर्य | होता = बनाए | कृणोतु = करे | वेधाः = वेध / यज्ञ | सिस्रतां = प्रजा | नार्यृतप्रजाता = स्त्रियों और पुरुषों की संतति | वि पर्वाणि = पर्वों के लिए | जिहतां = सफल | सूतवा उ = पूर्ण करें
चतस्रो दिवः प्रदिशश्चतस्रो भूम्या उत। देवा गर्भं समैरयन् तं व्यूर्णुवन्तु सूतवे ॥२॥
Hindi:
चार दिशाओं में और चार भूमियों में देवता गर्भ का निर्माण कर उसे सूतावर्य तक पहुँचाएँ।

English:
In the four directions and four lands, the gods create the embryo and deliver it to Sootavarya.

Word by Word:
चतस्रो = चार | दिवः = दिशाएँ | प्रदिशः = दिशाओं में | चतस्रो = चार | भूम्या = भूमियों में | उत = भी | देवा = देवता | गर्भं = गर्भ | समैरयन् = निर्मित करते हुए | तं = उसे | व्यूर्णुवन्तु = पहुँचाएँ | सूतवे = सूतावर्य को
सूषा व्यूर्णोतु वि योनिं हापयामसि। श्रथया सूषणे त्वमव त्वं बिष्कले सृज ॥३॥
Hindi:
हे देव, जन्मदाता को सुरक्षित बनाएँ और योनियों में जीवन प्रवाहित करें।

English:
O deity, protect the progenitor and let life flow into the wombs.

Word by Word:
सूषा = जन्मदाता | व्यूर्णोतु = सुरक्षित बनाएँ | वि योनिं = योनियों में | हापयामसि = जीवन प्रवाहित करें | श्रथया = ध्यान से | सूषणे = सुरक्षित | त्वम = तुम | अव = यहाँ | बिष्कले = सम्पूर्ण | सृज = उत्पन्न करो
नेव मांसे न पीवसि नेव मज्जस्वाहतम्। अवैतु पृश्नि शेवलं शुने जराय्वत्तवेऽव जरायु पद्यताम् ॥४॥
Hindi:
तुम न तो मांस में जीवित रहो और न ही शरीर में; जैसे हवा और मन पक्षियों को नियंत्रित करता है, वैसे जीवन प्रवाहित हो।

English:
Do not live in flesh or body; as air and mind guide birds, so let life flow.

Word by Word:
नेव = न | मांसे = मांस में | न = नहीं | पीवसि = रहो | नेव = न | मज्जस्वाहतम् = शरीर में | अवैतु = जैसा | पृश्नि = हवा | शेवलं = मन | शुने = पक्षियों को | जराय्वत्तवे = जीवन प्रवाहित हो | अव = ऐसा | जरायु = जीवन
वि ते भिनद्मि मेहनं वि योनिं वि गवीनिके। वि मातरं च पुत्रं च वि कुमारं जरायुणाव जरायु पद्यताम् ॥५॥
Hindi:
तुम्हारे लिए मेहनत और योनियों में जीवन प्रवाहित हो; माता-पिता और पुत्रों में भी जीवन प्रवाहित हो।

English:
May effort and life flow through the wombs; may it also flow through mothers, fathers, and children.

Word by Word:
वि = तुम में | ते = तुम्हारे | भिनद्मि = प्रवाहित हो | मेहनं = मेहनत | योनिं = योनियों में | गवीनिके = माता-पिता में | मातरं = माता | पुत्रं = पुत्र | कुमारं = पुत्र | जरायुणाव = जीवन | पद्यताम् = प्रवाहित हो
यथा वातो यथा मनो यथा पतन्ति पक्षिणः। एवा त्वं दशमास्य साकं जरायुणा पताव जरायु पद्यताम् ॥६॥
Hindi:
जैसे हवा और मन पक्षियों को नियंत्रित करते हैं, वैसे ही तुम दशमास के साथ जीवन प्रवाहित करो।

English:
As air and mind guide birds, so let life flow with the ten-month cycle.

Word by Word:
यथा = जैसे | वातः = हवा | मनः = मन | पतन्ति = नियंत्रित करते हैं | पक्षिणः = पक्षी | एवा = वैसे | त्वं = तुम | दशमास्य = दस महीने | साकं = साथ | जरायुणा = जीवन | पताव = प्रवाहित करो | पद्यताम् = प्रवाहित हो

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