मुख्यपृष्ठVeda Rigveda/1/185/2 | Ved Portal - Search & Read byGVB -अक्टूबर 11, 2024 0 Rigveda/1/185/2 | Ved Portal - Search & Read : भूरिं द्वे अचरन्ती चरन्तं पद्वन्तं गर्भमपदी दधाते। नित्यं न सूनुं पित्रोरुपस्थे द्यावा रक्षतं पृथिवी नो अभ्वात् ॥ Tags: Veda Facebook Twitter