मातृदेवो भव: माँ की ममता का दिव्य स्वरूप
सृष्टि की आदि शक्ति और संस्कार की प्रथम गुरु
संसार में 'माँ' केवल एक शब्द नहीं, बल्कि एक संपूर्ण ब्रह्मांड है। जहाँ विज्ञान समाप्त होता है, वहाँ से माँ की ममता की गहराई शुरू होती है। हमारे शास्त्रों ने माँ को ईश्वर से भी उच्च स्थान प्रदान किया है।
1. शास्त्रों में माँ की महिमा (Scriptural Evidence)
मनुस्मृति में माँ के गौरव को रेखांकित करते हुए कहा गया है कि माँ का स्थान हजारों पिताओं से भी ऊपर है:
सहस्रं तु पितृन्माता गौरवेणातिरिच्यते॥ अर्थ: दस उपाध्यायों से बड़ा एक आचार्य, सौ आचार्यों से बड़ा पिता, और एक हजार पिताओं से बड़ी माता होती है।
2. ममता का विज्ञान: GVB शोध परिप्रेक्ष्य
जैसा कि ज्ञान विज्ञान ब्रह्मज्ञान (GVB) का शोध दर्शाता है, माँ की ममता केवल भावनात्मक नहीं बल्कि जैविक (Biological) भी है।
- एपिजेनेटिक्स (Epigenetics): माँ के गर्भ में रहने के दौरान माँ के विचार और उसकी ममता शिशु के जीन (Genes) की अभिव्यक्ति को निर्धारित करते हैं。
- बीज शुद्धि (Genetic Purification): माँ का प्रेम और उसका सात्विक आहार शिशु की चेतना को शुद्ध करने का कार्य करता है。
- क्वांटम जुड़ाव: माँ और संतान के बीच एक सूक्ष्म ऊर्जा संबंध होता है, जिससे मीलों दूर होने पर भी माँ को संतान के कष्ट का आभास हो जाता है।
3. माँ: निःस्वार्थ सेवा की प्रतिमूर्ति
जिस प्रकार एक घना वृक्ष स्वयं धूप सहकर पथिक को छाया देता है, उसी प्रकार माँ स्वयं कष्ट सहकर अपनी संतान का पोषण करती है।
"नास्ति मातृसमा छाया नास्ति मातृसमा गतिः।"
(अर्थ: माता के समान कोई शीतल छाया और कोई सहारा नहीं है।)
निष्कर्ष
आज के डिजिटल युग में, जहाँ AI और तकनीक हावी है, माँ की वह स्पर्शयुक्त ममता ही है जो हमें 'मनुष्य' बनाए रखती है। माँ की सेवा ही वास्तविक ब्रह्मज्ञान की प्राप्ति का प्रथम सोपान है।
👉 माँ की ममता
🔷 75 साल की उस बुढ़िया माँ का वजन लगभग 40 किलो होगा! आज जब तबियत बिगड़ने पर वो डॉक्टर को दिखाने गयी!
🔶 डॉक्टर ने कहा ‘माताजी आप हेल्थ का ख्याल रखिये! आप का वजन जरूरत से ज्यादा कम है! आप खाने में जूस, सलाद, दूध, फल, घी, मेवा और हेल्थी फ़ूड लिजियें! नहीं तो आपकी सेहत दिनों दिन गिरती जायेगी और हालत नाजुक हो जायेंगे! ‘
🔷 उसने भारी मन से डॉक्टर की बात को सुना और बाहर निकल कर सोचने लगी, इतनी महंगाई में ये सब कहाँ से आएगा? और पिछले पचास सालों में, फ्रूट, घी, मेवा घर में लाया कौन है?
🔶 बहुत ही मामूली पेंशन से जो थोडा बहुत पैसा मिलता है उससे घर के जरुरी सामान तो पति ले आतें है, लेकिन फल, जूस, हरी सब्जी, ये सब पति ने कभी ला कर नहीं दिया,। और खुद भी कभी ये सब खरीदने की हिम्मत नहीं कर सकी। क्यूंकि जब भी मन करता कुछ खाने का, खाली पर्स हमेशा मुंह चिढाने लगता।
🔷 शहर में मामूली सी नौकरी में और जिंदगी की गहमागहमी में सारी जमा पूंजी, पति का PF, घर की सारी अमानत, संपदा, गहने जेवर सब एक बेटे और दो बेटियों की परवरिश, पढाई लिखाई शादी में में सब कुछ खत्म हो गया,
🔶 दूर दिल्ली में रह रहा एक बहुत बड़ी कंपनी में मैनेजर और मोटी तनख्वाह उठा रहा बेटा भी तो खर्चे के नाम पर सिर्फ पांच सौ रुपये देता है…वो भी महीने के।। बेटियों से अपने दुःख माँ ने सदा छुपाये है…उन्हें कभी अपने गमो में शामिल नहीं किया आखिर ससुराल वाले क्या सोचेंगे?
🔷 अब बेटे के भेजे इन पांच सौं रुपये में बूढ़े माँ बाप तन ढके या मन की करें ? उसने सोचा चलो एक बार बेटे को डॉक्टर की रिपोर्ट बता दी जाए।
🔶 उसने बेटे को फ़ोन किया और कहा – बेटा डॉक्टर ने बताया है की विटामिन, खून की की कमी, कमजोरी से से चक्कर आये थे। इसी लिए खाने में सलाद, जूस, फ्रूट, दूध, फल, घी, मेवा लेना शुरू करो!
🔷 बेटा – “माँ आप को जो खाना है खाओ, डॉक्टर की बात ना मानों।!” माँ ने कहा – बेटा, थोड़े पैसे अगर भेज देता तो ठीक रहता।!
🔶 बेटा – ” माँ इस माह मेरा बहुत खर्चा हो रहा है, कल ही तेरी पोती को मैंने फिटनेस जिम जोईन कराया है, तुझे तो पता ही है, वो कितनी मोटी हो रही है, इसी लिए जिम जोईन कराया है। उसके महीने के सात हजार रुपये लगेंगे। जिसमे उसका वजन, चार किलो हर माह कम कराया जाएगा। और कम से कम पांच माह तो उसे भेजना ही होगा।पैंतीस हजार का ये खर्चा बैठे बिठाये आ गया।अब जरुरी भी तो है ये खर्चा!
🔷 आखिर दो तीन साल में इसकी शादी करनी है और आज कल मोटी लड़कियां, पसंद कोई करता नहीं! ”
🔶 माँ ने कहा – ” हाँ बेटा ये तो जरुरी था। कोई बात नहीं वैसे भी डॉक्टर लोग तो ऐसे ही कुछ भी कहतें रहते है। चक्कर तो गर्मी की वजह से आ गयें होंगे, वरना इतने सालों में तो कभी ऐसा नहीं हुआ। खाना तो हमेशा से यही खा रही हूँ मैं!”
🔷 बेटा – “हाँ माँ। अच्छा माँ अभी मैं फोन रखता
हूँ । बेटी के लिए डाइट चार्ट ले जाना है और कुछ जूस, फ्रूट
और डायट फ़ूड भी। आप अपना ख्याल रखना!”
फोन कट गया…।
🔶 माँ ने एक ग्लास पानी पिया और साडी पर फोल लगाने मे लग गयी। एक साड़ी में फोल लगाने के माँ को पन्द्रह रुपये मिलेंगे।
🔷 माँ के पास आज साड़ी में फोल लगाने के तीन
आर्डर है…माँ ने मन ही मन श्री गणेश का शुक्रिया अदा किया क्यूंकि आज वो आधा किलो लड्डू
खरीद ही लेंगी गणेश जी की पूजा के लिए इन पैसो से और मन ही मन अपने बेटे की सुखी
और समृद्ध जिंदगी के लिए प्रभु श्री गणेश से प्रार्थना भी की!!
