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जीवन का उद्देश्य

दुःखजन्मप्रवृत्तिदोषमिथ्याज्ञानानामुत्तरोत्तरापाये तदनन्तरापायादपवर्गः II1/1/2 न्यायदर्शन अर्थ : तत्वज्ञान से मिथ्या ज्ञान का नाश हो जाता है और मिथ्या ज्ञान के नाश से राग द्वेषादि दोषों का नाश हो जाता है, दोषों के नाश से प्रवृत्ति का नाश हो जाता है। प्रवृत्ति के नाश होने से कर्म बन्द हो जाते हैं। कर्म के न होने से प्रारम्भ का बनना बन्द हो जाता है, प्रारम्भ के न होने से जन्म-मरण नहीं होते और जन्म मरण ही न हुए तो दुःख-सुख किस प्रकार हो सकता है। क्योंकि दुःख तब ही तक रह सकता है जब तक मन है। और मन में जब तक राग-द्वेष रहते हैं तब तक ही सम्पूर्ण काम चलते रहते हैं। क्योंकि जिन अवस्थाओं में मन हीन विद्यमान हो उनमें दुःख सुख हो ही नहीं सकते । क्योंकि दुःख के रहने का स्थान मन है। मन जिस वस्तु को आत्मा के अनुकूल समझता है उसके प्राप्त करने की इच्छा करता है। इसी का नाम राग है। यदि वह जिस वस्तु से प्यार करता है यदि मिल जाती है तो वह सुख मानता है। यदि नहीं मिलती तो दुःख मानता है। जिस वस्तु की मन इच्छा करता है उसके प्राप्त करने के लिए दो प्रकार के कर्म होते हैं। या तो हिंसा व चोरी करता है या दूसरों का उपकार व दान आदि सुकर्म करता है। सुकर्म का फल सुख और दुष्कर्मों का फल दुःख होता है परन्तु जब तक दुःख सुख दोनों का भोग न हो तब तक मनुष्य शरीर नहीं मिल सकता !

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वो सात पौधे जो आपके घर में जरूर होने चाहिए ।*

*🪴🪴🪴वो सात पौधे जो आपके घर में जरूर होने चाहिए ।*

आज घरेलू बागवानी के लिए उन #सात_पौधो के बारे में जानेंगे जो केवल सुंदरता को ही नहीं बढ़ाते है, बल्कि ये आपके स्वास्थ्य को चकाचक रखने में भी सहायक सिद्ध होंगे। घरेलू बागवानी में वो पौधे अवश्य रखने चाहिए जो बागवानी की इच्छा को पूर्ण करने के साथ-साथ उपयोगी भी सिद्ध हो। 

*#लेमन ग्रास* : ये एक बहु वर्षीय घास है जो नियमित देखभाल करने पर 3 साल आराम से चलती है। दैनिक जीवन में आप लेमन टी ( *#Lemon_Tea*) में इसका उपयोग कर सकते है। इसके पौधे आपको नर्सरी से मिल सकते है या स्लिप्स मंगवाकर आप अपने गमलो या बगीचे में लगा सकते है। लगाने का सही समय वैसे तो वर्षा है लेकिन आप जुलाई से मार्च तक कभी भी लगा सकते है।

*#पुदीना* : पुदीना से आप परिचित है, औषधीय उपयोग के अतिरिक्त आप चटनी या शीतल पेय बनाने में इसका उपयोग कर सकते है। पुदीने को आप बारिश में लगाइये बहुत अच्छे से चलेगा लेकिन इसे किसी भी समय लगा सकते है। ज्यादा प्रयास की जरुरत नहीं है बाजार से खाने वाला पुदीना खरीदकर लाइए पत्तियां हटाकर उपयोग कर लीजिये और टहनियों को 2 - 3 इंच मिटटी में दबा दीजिये। 10 - 15 दिन में आपको नए अंकुर दिखाई देंगे और धीरे धीरे ये आपके पुरे गमले में फ़ैल जाएगा। किसी परिचित के गमले से भी जड सहित टहनी को लाकर लगाया जा सकता है।

*#स्टीविया* : ये आपके चीनी का विकल्प है, घर में होना चाहिए पौधा देखने में भी अच्छा लगता है और चीनी के विकल्प के रूप में भी इसका उपयोग किया जा सकता है। स्टीविया के पौधे आजकल नर्सरी में मिल जाते है। ये बड़ा जीवट वाला पौधा है इसकी जड़ सहित टहनी मंगवाकर आप लगा सकते है। किसी के यहाँ पर लगा है तो आप टहनी लाकर भी पत्तियां हटाकर बारिश में लगा दे तो पौधा बन जाएगा।

*#अपराजिता* : ये खूबसूरत बेल हमेशा हरी भरी रहती है और खूबसूरत सफ़ेद या नीले फूल देती है। इन नीले फूलो का उपयोग आप ब्लू टी बनाने में कर सकते है। जो वैसे आप बाजार से नही खरीदेंगे। इसके स्वास्थ्य लाभों को देखते हुए लगाना चाहिए। सूखे फूल रखे जा सकते है।

*#करीपत्ता या मीठा नीम* : मीठा नीम किचन की जरुरत है। आपके घर में लगा हुआ पौधा आपको हमेशा ताजा पत्तिया आपके भोजन के लिए देता रहेगा। नर्सरी से पौधा लाकर लगा लीजिये। सामान्य रूप से प्रत्येक नर्सरी से आपको मिल सकता है। किसी के यहाँ पहले से लगा है तो बीज लाकर भी आप लगा सकते है।

*#एलोवेरा* : इसके गुणों से आप पूर्व परिचित है घर में रहेगा तो आप ताजा जेल का उपयोग कर सकते है। इसके पौधे बड़ी आसानी से आपको नर्सरी से मिल जाएंगे एक ले आइये। बाद में इसके पास से सकर निकालेंगे जिन्हे आप निकल कर दूसरे गमलो या दूसरी जगह लगा सकते है।

*#कैमोमाइल* : खूबसूरत सफेद फूलो वाला पौधा घर में जरूर लगाइये और फूलो से बनी ताजा कैमोमाइल चाय का आनंद लीजिये। सूखे फूल बाद में भी उपयोग किये जा सकते है। अक्टूबर से अप्रेल तक आप इसे लगा सकते है। इसका बीज बहुत बारीक होता है इसलिए पहले आपको पौधे तैयार करने होंगे फिर इसको मुख्य गमले में लगाया जायेगा। 

*#लेमन_तुलसी(मरुवा)* : तुलसी का यह प्रकार आपको निम्बू और तुलसी दोनों का फ्लेवर देता है जरूर लगाना चाहिए। ये बीज से लगती है। बहुत बारीक़ बीज होता है जिसे सावधानी से उगाया जाता है और पौधे के 4 - 6 पत्ती का होने पर मूल गमले में लगाया जाता है।

*#गिलोय* : गिलोय जिसे अमृता भी कहते है। एक खूबसूरत हरे पत्तो वाली बेल जिसके लाभ देखते हुए जरूर लगाइये। किसी औषधीय नर्सरी से पौधा लाकर लगा सकते है। नहीं तो जहाँ लगी हो वहां से आप इसकी छोटी उंगली की मोटाई की एक फ़ीट लम्बी कलम लाकर लगा दीजिये। कलम के लिए बारिश का मौसम अच्छा होता है जब सफलता की सम्भावना ज्यादा होती है।

*#अडूसा* : खांसी की दवाओं में उपयोगी है। खांसी जुखाम में इसकी पत्तियों का काढ़ा बनाकर पिया जा सकता है। एक आध पौधा लगा रहे तो कोई बुराई नहीं है। पत्तियां खूबसूरत दिखती है अपने गहरे हरे रंग में। बीज से लगता है जिन्हे एक बार मंगवाकर आपको लगाना है। या किसी औषधीय पौधों की नर्सरी से इसे सीधे प्राप्त किया जा सकता है।

#नोट- #पहचान के लिए आप #फोटो देख सकते हैं।

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