विश्वे देवा वसवो रक्षतेममुतादित्या जागृत यूयमस्मिन् - श्लोक 1
विश्वे देवा वसवो रक्षतेममुतादित्या जागृत यूयमस्मिन् ।
मेमं सनाभिरुत वान्यनाभिर्मेमं प्रापत्पौरुषेयो वधो यः ॥१॥
मेमं सनाभिरुत वान्यनाभिर्मेमं प्रापत्पौरुषेयो वधो यः ॥१॥
Hindi:
हे देवों! सभी देव और वसव (इन्द्र जैसे शक्तिशाली देवता) इस जगत में जाग्रत रहें और हमें सुरक्षा दें। हमारे लिए यह शक्ति और पुरुषार्थ प्रदान करें।
English:
O all gods! May the Vasus and other gods stay awake in this world and protect us. Grant us strength and courage.
हे देवों! सभी देव और वसव (इन्द्र जैसे शक्तिशाली देवता) इस जगत में जाग्रत रहें और हमें सुरक्षा दें। हमारे लिए यह शक्ति और पुरुषार्थ प्रदान करें।
English:
O all gods! May the Vasus and other gods stay awake in this world and protect us. Grant us strength and courage.
Word by Word:
विश्वे = सभी | देवा = देवता | वसवः = इन्द्रादि देवता | रक्षते = रक्षा करें | अमुत = हमसे | आदित्या = सूर्य | जागृत = जाग्रत | यूयम् = आप लोग | अस्मिन् = इस (जगत में) | मेमं = हमें | सनाभि = शक्ति सहित | उत = और | वान्यनाभिः = बाहरी तत्वों से | प्रापत् = प्राप्त करें | पौरुषेयो = पुरुषार्थ/शक्ति | वधो यः = वह जो नाश कर सके शत्रुओं को
विश्वे = सभी | देवा = देवता | वसवः = इन्द्रादि देवता | रक्षते = रक्षा करें | अमुत = हमसे | आदित्या = सूर्य | जागृत = जाग्रत | यूयम् = आप लोग | अस्मिन् = इस (जगत में) | मेमं = हमें | सनाभि = शक्ति सहित | उत = और | वान्यनाभिः = बाहरी तत्वों से | प्रापत् = प्राप्त करें | पौरुषेयो = पुरुषार्थ/शक्ति | वधो यः = वह जो नाश कर सके शत्रुओं को
ये वो देवाः पितरो ये च पुत्राः सचेतसो मे शृणुतेदमुक्तम् ।
सर्वेभ्यो वः परि ददाम्येतं स्वस्त्येनं जरसे वहाथ ॥२॥
सर्वेभ्यो वः परि ददाम्येतं स्वस्त्येनं जरसे वहाथ ॥२॥
Hindi:
हे देवताओं और पूर्वजों! जो भी मेरे आदेश सुनते हैं, उन सभी के लिए मैं कल्याण और सुरक्षा का आशीर्वाद दूँ।
English:
O gods and ancestors! To all who heed my words, I grant blessings of welfare and protection.
हे देवताओं और पूर्वजों! जो भी मेरे आदेश सुनते हैं, उन सभी के लिए मैं कल्याण और सुरक्षा का आशीर्वाद दूँ।
English:
O gods and ancestors! To all who heed my words, I grant blessings of welfare and protection.
Word by Word:
ये = ये | वो = वे | देवाः = देवता | पितरो = पूर्वज | पुत्राः = संतान | सचेतसो = जो ध्यानपूर्वक सुनते हैं | मे = मेरे | शृणुते = सुनते हैं | एदमुक्तम् = यह वचन | सर्वेभ्यः = सभी के लिए | वः = आप लोगों के लिए | परि ददाम्येतम् = मैं प्रदान करता हूँ | स्वस्त्येनम् = कल्याण | जरसे = सुरक्षा | वहाथ = बनाए रखे
ये = ये | वो = वे | देवाः = देवता | पितरो = पूर्वज | पुत्राः = संतान | सचेतसो = जो ध्यानपूर्वक सुनते हैं | मे = मेरे | शृणुते = सुनते हैं | एदमुक्तम् = यह वचन | सर्वेभ्यः = सभी के लिए | वः = आप लोगों के लिए | परि ददाम्येतम् = मैं प्रदान करता हूँ | स्वस्त्येनम् = कल्याण | जरसे = सुरक्षा | वहाथ = बनाए रखे
ये देवा दिवि ष्ठ ये पृथिव्यां ये अन्तरिक्ष ओषधीषु पशुष्वप्स्वन्तः ।
ते कृणुत जरसमायुरस्मै शतमन्यान् परि वृणक्तु मृत्यून् ॥३॥
ते कृणुत जरसमायुरस्मै शतमन्यान् परि वृणक्तु मृत्यून् ॥३॥
Hindi:
हे देवों! जो आकाश, पृथ्वी, अंतरिक्ष, औषधियों, पशु और पानी में निवास करते हैं, वे हमारे जीवन को दीर्घायु और सुरक्षा प्रदान करें।
English:
O gods residing in sky, earth, space, herbs, animals, and waters! Grant long life and protection.
हे देवों! जो आकाश, पृथ्वी, अंतरिक्ष, औषधियों, पशु और पानी में निवास करते हैं, वे हमारे जीवन को दीर्घायु और सुरक्षा प्रदान करें।
English:
O gods residing in sky, earth, space, herbs, animals, and waters! Grant long life and protection.
Word by Word:
ये = ये | देवा = देवता | दिवि = आकाश में | ष्ठ = स्थित | पृथिव्यां = पृथ्वी में | अन्तरिक्ष = अंतरिक्ष में | ओषधीषु = जड़ी-बूटियों में | पशुष्वप्स्वन्तः = पशु और पानी में | ते = वे | कृणुत = करें | जरसमायुः = दीर्घायु | अस्मै = हमारे लिए | शतमन्यान् = कई वर्षों तक | परि वृणक्तु = सुरक्षित रखें | मृत्यून् = मृत्यु से
ये = ये | देवा = देवता | दिवि = आकाश में | ष्ठ = स्थित | पृथिव्यां = पृथ्वी में | अन्तरिक्ष = अंतरिक्ष में | ओषधीषु = जड़ी-बूटियों में | पशुष्वप्स्वन्तः = पशु और पानी में | ते = वे | कृणुत = करें | जरसमायुः = दीर्घायु | अस्मै = हमारे लिए | शतमन्यान् = कई वर्षों तक | परि वृणक्तु = सुरक्षित रखें | मृत्यून् = मृत्यु से
येषां प्रयाजा उत वानुयाजा हुतभागा अहुतादश्च देवाः ।
येषां वः पञ्च प्रदिशो विभक्तास्तान् वो अस्मै सत्रसदः कृणोमि ॥४॥
येषां वः पञ्च प्रदिशो विभक्तास्तान् वो अस्मै सत्रसदः कृणोमि ॥४॥
Hindi:
हे देवों! जिनके लिए यज्ञ, हवन और भेंट अर्पित की जाती है, उनके लिए मैं इस यज्ञ में सुरक्षा और संपन्नता प्रदान करता हूँ।
English:
O gods! For those offered sacrifices and oblations, I ensure protection and prosperity through this ritual.
हे देवों! जिनके लिए यज्ञ, हवन और भेंट अर्पित की जाती है, उनके लिए मैं इस यज्ञ में सुरक्षा और संपन्नता प्रदान करता हूँ।
English:
O gods! For those offered sacrifices and oblations, I ensure protection and prosperity through this ritual.
Word by Word:
येषां = जिनके | प्रयाजा = यज्ञ में अर्पित | उत = और | वानुयाजा = अन्य अर्पण | हुतभागा = हवन के भाग | अहुतादश्च = अनार्पित | देवाः = देवता | येषां = उनके लिए | वः = आपके लिए | पञ्च प्रदिशः = पांच दिशाओं में | विभक्ताः = विभाजित | तान् = उन्हें | वो = वे | अस्मै = हमारे लिए | सत्रसदः = यज्ञ में सुरक्षित | कृणोमि = मैं करता हूँ
येषां = जिनके | प्रयाजा = यज्ञ में अर्पित | उत = और | वानुयाजा = अन्य अर्पण | हुतभागा = हवन के भाग | अहुतादश्च = अनार्पित | देवाः = देवता | येषां = उनके लिए | वः = आपके लिए | पञ्च प्रदिशः = पांच दिशाओं में | विभक्ताः = विभाजित | तान् = उन्हें | वो = वे | अस्मै = हमारे लिए | सत्रसदः = यज्ञ में सुरक्षित | कृणोमि = मैं करता हूँ


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