इदं जनासो विदथ महद्ब्रह्म वदिष्यति - श्लोक 1
इदं जनासो विदथ महद्ब्रह्म वदिष्यति ।
न तत्पृथिव्यां नो दिवि येन प्राणन्ति वीरुधः ॥१॥
न तत्पृथिव्यां नो दिवि येन प्राणन्ति वीरुधः ॥१॥
Hindi:
हे देवों! यह महद्ब्रह्म हमारी भलाई के लिए ज्ञान व्यक्त करता है। यह हमारे लिए पृथ्वी और आकाश में जीवन देने वाला है।
English:
O gods! This great Brahman declares knowledge for our welfare. It grants life in the earth and heaven for us.
हे देवों! यह महद्ब्रह्म हमारी भलाई के लिए ज्ञान व्यक्त करता है। यह हमारे लिए पृथ्वी और आकाश में जीवन देने वाला है।
English:
O gods! This great Brahman declares knowledge for our welfare. It grants life in the earth and heaven for us.
Word by Word:
इदं = यह | जनासः = जीवों का | विदथ = जानो / व्यक्त करो | महद्-ब्रह्म = महान ब्रह्म | वदिष्यति = बोलेगा / व्यक्त करेगा | न = नहीं | तत् = वह | पृथिव्यां = पृथ्वी पर | नो = हमारे लिए | दिवि = आकाश में | येन = जिससे | प्राणन्ति = प्राण पाएँ | वीरुधः = वीर / जीवन
इदं = यह | जनासः = जीवों का | विदथ = जानो / व्यक्त करो | महद्-ब्रह्म = महान ब्रह्म | वदिष्यति = बोलेगा / व्यक्त करेगा | न = नहीं | तत् = वह | पृथिव्यां = पृथ्वी पर | नो = हमारे लिए | दिवि = आकाश में | येन = जिससे | प्राणन्ति = प्राण पाएँ | वीरुधः = वीर / जीवन
अन्तरिक्ष आसां स्थाम श्रान्तसदामिव ।
आस्थानमस्य भूतस्य विदुष्टद्वेधसो न वा ॥२॥
आस्थानमस्य भूतस्य विदुष्टद्वेधसो न वा ॥२॥
Hindi:
आकाश में यह स्थिर है, जैसे थके हुए लोग आराम करते हैं। यह प्राणी जो अविचलित है, उसके लिए भी ब्रह्म का ज्ञान है।
English:
It stands firm in the sky, like weary beings resting. Even for a steadfast creature, this knowledge of Brahman exists.
आकाश में यह स्थिर है, जैसे थके हुए लोग आराम करते हैं। यह प्राणी जो अविचलित है, उसके लिए भी ब्रह्म का ज्ञान है।
English:
It stands firm in the sky, like weary beings resting. Even for a steadfast creature, this knowledge of Brahman exists.
Word by Word:
अन्तरिक्ष = आकाश | आसां = यहाँ / वहाँ | स्थाम = स्थिर है | श्रान्तसदामिव = थके हुए जैसे | आस्थानम् = स्थान | अस्य = इसका | भूतस्य = प्राणी का | विदुष्ट = ज्ञानी / विद्वान | द्वेधसो = संदेह / ज्ञान | न वा = नहीं या
अन्तरिक्ष = आकाश | आसां = यहाँ / वहाँ | स्थाम = स्थिर है | श्रान्तसदामिव = थके हुए जैसे | आस्थानम् = स्थान | अस्य = इसका | भूतस्य = प्राणी का | विदुष्ट = ज्ञानी / विद्वान | द्वेधसो = संदेह / ज्ञान | न वा = नहीं या
यद्रोदसी रेजमाने भूमिश्च निरतक्षतम् ।
आर्द्रं तदद्य सर्वदा समुद्रस्येव श्रोत्याः ॥३॥
आर्द्रं तदद्य सर्वदा समुद्रस्येव श्रोत्याः ॥३॥
Hindi:
जैसे नदी और भूमि लगातार बहती और स्थिर रहती हैं, वैसे ही यह आज भी सभी के लिए स्थायी और श्रोताओं के लिए उपयोगी है।
English:
Just as rivers and land continuously flow and remain, this also persists eternally for all and is beneficial for listeners.
जैसे नदी और भूमि लगातार बहती और स्थिर रहती हैं, वैसे ही यह आज भी सभी के लिए स्थायी और श्रोताओं के लिए उपयोगी है।
English:
Just as rivers and land continuously flow and remain, this also persists eternally for all and is beneficial for listeners.
Word by Word:
यत् = जो | रोडसी = नदी | रेजमाने = बहती हुई | भूमिश्च = भूमि और | निरतक्षतम् = स्थिर | आर्द्रं = नम / नमी | तद् अद्य = आज | सर्वदा = हमेशा | समुद्रस्येव = समुद्र के समान | श्रोत्याः = श्रोताओं के लिए
यत् = जो | रोडसी = नदी | रेजमाने = बहती हुई | भूमिश्च = भूमि और | निरतक्षतम् = स्थिर | आर्द्रं = नम / नमी | तद् अद्य = आज | सर्वदा = हमेशा | समुद्रस्येव = समुद्र के समान | श्रोत्याः = श्रोताओं के लिए
विश्वमन्यामभीवार तदन्यस्यामधि श्रितम् ।
दिवे च विश्ववेदसे पृथिव्यै चाकरं नमः ॥४॥
दिवे च विश्ववेदसे पृथिव्यै चाकरं नमः ॥४॥
Hindi:
संपूर्ण विश्व इसके अधीन है। हम सूर्य और पृथ्वी दोनों को सम्मानित करते हैं।
English:
The entire universe is under it. We honor both the Sun and the Earth.
संपूर्ण विश्व इसके अधीन है। हम सूर्य और पृथ्वी दोनों को सम्मानित करते हैं।
English:
The entire universe is under it. We honor both the Sun and the Earth.
Word by Word:
विश्वम् = विश्व | अन्यम् = अन्य | भीवार = जीवन / प्राणी | तद् अन्यस्यामधि = इसके अधीन | श्रितम् = स्थित | दिवे = आकाश में | विश्ववेदसे = सूर्य में | पृथिव्यै = पृथ्वी में | अकरम् = समर्पित किया | नमः = नमस्कार / सम्मान
विश्वम् = विश्व | अन्यम् = अन्य | भीवार = जीवन / प्राणी | तद् अन्यस्यामधि = इसके अधीन | श्रितम् = स्थित | दिवे = आकाश में | विश्ववेदसे = सूर्य में | पृथिव्यै = पृथ्वी में | अकरम् = समर्पित किया | नमः = नमस्कार / सम्मान


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