मंत्र :
ओ३म् इ॒षे त्वो॒र्जे त्वा॑ वा॒यव॑ स्थ दे॒वो वः॑ सवि॒ता प्रार्प॑यतु॒ श्रेष्ठ॑तमाय॒ कर्मण॒ऽआप्या॑यध्वमघ्नया॒ऽइन्द्रा॑य भा॒गम्प्र॒जाव॑तीरनमी॒वाऽय॒क्ष्मा मा व॑स्तेनऽईशत॒ माघꣳश सो ध्रु॒वाऽअ॒स्मिन॒ गोप॑तौ स्यात ब॒ह्वीर्यज॑मानस्य प॒शून्पा॒हि।।
हिन्दी अर्थ :
हे परमेश्वर! हम आपसे प्रार्थना करते हैं कि हमें अन्न, ऊर्जा और जीवन शक्ति प्रदान करें। आप ही इस सृष्टि के निर्माता और ज्ञान के स्रोत हैं। आप हमें श्रेष्ठ कर्म करने के लिए प्रेरित करें। हमारी इन्द्रियाँ पवित्र और बलवान बनें ताकि हम धर्म और सद्कर्म के मार्ग पर चल सकें।
यह मंत्र विशेष रूप से गायों और समस्त प्राणियों की रक्षा और समृद्धि की कामना करता है। गायें स्वस्थ रहें, रोगों से मुक्त रहें और उनकी संतति बढ़े। समाज में चोरी, पाप और अन्य दुष्कर्म उत्पन्न न हों।
हमारे देश और समाज के रक्षक धर्मपरायण हों और वे प्रजा, पशु, धन और संतति की रक्षा करें। हे प्रभु! आप सज्जनों की संपत्ति, पशुओं और परिवार की रक्षा करें और उन्हें निरंतर उन्नति प्रदान करें।
English Meaning :
O Supreme Lord! We pray to You for food, strength and vitality. You are the creator of the universe and the source of knowledge. May You inspire us to perform the noblest deeds and guide our senses towards righteousness.
This mantra also prays for the protection and prosperity of cows and all living beings. May the cows remain healthy, free from diseases and blessed with offspring. May thieves and sinners never arise among us.
May the protector of the land and cattle remain righteous and protect the wealth, cattle and progeny of virtuous people. O Lord, please safeguard the prosperity and wellbeing of all noble souls.
मंत्र :
ओ३म् वसोः॑ प॒वित्र॑मसि॒ द्यौर॑सि पृथि॒व्य॒सि मात॒रिश्व॑नो घ॒र्मो॒ऽसि । वि॒श्वधा॑ऽअसि । प॒र॒मेण॒ धाम्ना॒ दृꣳहस्व॒ मा ह्वा॒र्मा ते॑ य॒ज्ञप॑तिर्ह्वार्षीत्।।
हिन्दी अर्थ :
हे दिव्य शक्ति! तुम पवित्र करने वाले हो। तुम आकाश के समान व्यापक, पृथ्वी के समान धारण करने वाले और वायु के समान जीवन देने वाले हो। तुम सम्पूर्ण विश्व को धारण करने वाले हो।
यह मंत्र हमें सिखाता है कि परमात्मा की शक्ति सर्वत्र विद्यमान है। वह आकाश, पृथ्वी और वायु के माध्यम से सम्पूर्ण सृष्टि को संतुलित और पवित्र बनाए रखता है।
हम प्रार्थना करते हैं कि हमारी चेतना और कर्म उस परम धाम की शक्ति से दृढ़ और पवित्र बनें। हमारे यज्ञ, हमारे श्रेष्ठ कर्म और हमारा जीवन कभी भी दुर्बल न हों।
यह मंत्र हमें यह भी प्रेरणा देता है कि मनुष्य अपने जीवन को धर्म, सत्य और पवित्र कर्मों से मजबूत बनाए।
English Meaning :
O Divine Power! You are the purifier. You are as vast as the sky, as supportive as the earth and as life-giving as the air. You sustain the entire universe.
This mantra teaches that the Supreme Reality exists everywhere. Through sky, earth and air, the divine energy maintains balance and purity in the whole creation.
We pray that our consciousness and actions become strong and pure through the power of the supreme abode. May our sacred deeds and spiritual efforts never become weak.
मंत्र :
ओ३म् वसोः॑ प॒वित्र॑मसि श॒तधा॑रं॒ वसोः॑ प॒वित्र॑मसि स॒हस्त्रधारम् । दे॒वस्त्वा॑ सवि॒ता पु॑नातु॒ वसोः॑ प॒वित्रे॑ण श॒तधा॑रेण सु॒प्वा काम॑धुक्षः ।।
हिन्दी अर्थ :
हे परमात्मा! आप पवित्र करने वाले हैं और आपकी पवित्रता सैकड़ों और हजारों धाराओं के समान संसार में प्रवाहित होती है। आपकी दिव्य शक्ति सम्पूर्ण सृष्टि को शुद्ध और संतुलित करती है।
यह मंत्र बताता है कि परमेश्वर का ज्ञान, उसकी शक्ति और उसकी पवित्रता अनन्त रूपों में संसार में प्रवाहित होती है। जैसे जल की अनेक धाराएँ भूमि को सींचती हैं, वैसे ही परमात्मा की कृपा और ज्ञान मानव जीवन को शुद्ध और समृद्ध बनाते हैं।
हम प्रार्थना करते हैं कि सविता देव (सूर्य के समान प्रकाश देने वाली दिव्य शक्ति) हमें पवित्र करें और हमारे जीवन को ज्ञान, सत्य और उत्तम कर्मों से भर दें।
यह मंत्र हमें प्रेरणा देता है कि हम अपने जीवन में ज्ञान, सदाचार और निःस्वार्थ कर्मों को अपनाकर स्वयं को और समाज को उन्नत बनाएं।
English Meaning :
O Supreme Lord! You are the purifier whose purity flows in hundreds and thousands of streams throughout the universe. Your divine power purifies and sustains the whole creation.
Just as many streams of water nourish the earth, the divine knowledge and grace of God purify human life.
May Savita, the divine source of light and wisdom, purify us with the streams of truth and knowledge. May our lives be filled with noble actions and spiritual growth.
मंत्र :
ओ३म् सा वि॒श्वायुः॒ सा वि॒श्वकर्मा॒ सा वि॒श्वधा॑याः । इन्द्र॑स्य त्वा भा॒ग सोमे॒नात॑नच्मि॒ विष्णो॑ ह॒व्यꣳ रक्ष ।।
हिन्दी अर्थ :
यह मंत्र उस दिव्य शक्ति की महिमा का वर्णन करता है जो सम्पूर्ण सृष्टि का जीवन है, जो सभी कर्मों की प्रेरणा है और जो सम्पूर्ण विश्व को धारण करने वाली है।
परमात्मा ही वह शक्ति है जो संसार के प्रत्येक प्राणी में जीवन का संचार करती है और सभी कार्यों के पीछे प्रेरणा का स्रोत है। वह सम्पूर्ण ब्रह्माण्ड का पालन करने वाला और सबका आधार है।
इस मंत्र में प्रार्थना की गई है कि हमारे द्वारा किया गया यज्ञ और श्रेष्ठ कर्म सुरक्षित रहें। परमात्मा हमारी साधना और पवित्र प्रयासों की रक्षा करें और हमें धर्म के मार्ग पर स्थिर रखें।
यह मंत्र हमें यह सिखाता है कि मानव को अपने सभी कर्म परमात्मा की प्रेरणा से और समाज के कल्याण के लिए करने चाहिए।
English Meaning :
This mantra glorifies the divine power that is the life of the entire universe, the inspiration behind all actions and the support of the whole creation.
The Supreme Being is the source of life in every creature and the inspiration behind every noble deed. He sustains and maintains the entire cosmos.
The mantra also prays that our sacred actions and sacrifices remain protected. May the divine power safeguard our spiritual efforts and guide us on the path of righteousness.
मंत्र :
ओ३म् अग्ने॑ व्रतपते व्र॒तं च॑रिष्यामि॒ तच्छ॑केयं॒ तन्मे॑ राध्यताम् । इ॒दम॒हमनृ॑ता स॒त्यमुपै॑मि ।।
हिन्दी अर्थ :
हे अग्नि स्वरूप परमात्मा! आप व्रतों और संकल्पों के स्वामी हैं। मैं आज यह संकल्प करता हूँ कि मैं धर्म और सत्य के मार्ग पर चलूँगा। कृपा करके मुझे इतनी शक्ति दें कि मैं अपने इस व्रत को पूर्ण निष्ठा और दृढ़ता के साथ निभा सकूँ।
मैं असत्य, पाप और अधर्म को त्याग कर सत्य, धर्म और सदाचार को अपनाने का निर्णय करता हूँ। हे प्रभु! मेरे इस संकल्प को सफल बनाइए और मुझे सत्य मार्ग पर स्थिर रखिए।
यह मंत्र मनुष्य को यह शिक्षा देता है कि जीवन में संकल्प, अनुशासन और सत्य का पालन करना ही आध्यात्मिक उन्नति का मार्ग है।
English Meaning :
O Divine Lord, the guardian of sacred vows! I resolve to follow the path of discipline and righteousness. Grant me the strength to fulfill this vow successfully.
I abandon falsehood and embrace truth. May my commitment to truth and virtue become firm and may I remain steadfast on the righteous path.
This mantra teaches that determination, self-discipline and truthfulness are essential for spiritual progress in life.
मंत्र :
ओ३म् कस्त्वा॑ युनक्ति॒ स त्वा॑ युनक्ति॒ कस्मै॑ त्वा युनक्ति॒ तस्मै॑ त्वा युनक्ति। कर्म॑णे वां॒ वेषा॑य वाम् ।।
हिन्दी अर्थ :
यह मंत्र मनुष्य को यह समझाने के लिए है कि संसार में जो भी कर्म और व्यवस्था दिखाई देती है, उसके पीछे परमात्मा की ही शक्ति कार्य कर रही है।
कौन हमें कर्म से जोड़ता है? वही परमात्मा हमें कर्म के लिए प्रेरित करता है। और किसके लिए हम कर्म करते हैं? उसी परमात्मा के नियम और सृष्टि की व्यवस्था को बनाए रखने के लिए।
यह मंत्र यह शिक्षा देता है कि मनुष्य को अपने कर्मों को सिर्फ स्वार्थ के लिए नहीं बल्कि धर्म, समाज और सृष्टि के कल्याण के लिए करना चाहिए।
जब मनुष्य यह समझ लेता है कि उसके सभी कर्म परमात्मा के नियमों के अधीन हैं, तब वह अपने जीवन में सत्य, कर्तव्य और नैतिकता को अपनाने लगता है।
English Meaning :
This mantra explains that all actions and order in the universe are guided by the divine power.
Who connects us with action? It is the Supreme Being who inspires us to act. And for whom do we perform actions? For the maintenance of divine order and the welfare of creation.
The mantra teaches that human beings should perform their duties not merely for selfish desires but for righteousness, social harmony and the welfare of the world.
When a person realizes that all actions operate under the laws of the Supreme, he naturally adopts truth, duty and morality in life.
मंत्र :
ओ३म् प्रत्यु॑ष्ट॒ꣳ रक्षः॒ प्रत्यु॑ष्टा॒ऽअरा॑तयो॒ निष्ट॑प्त॒ꣳ रक्षो॒ निष्ट॑प्ता॒ऽअरा॑तयः । उ॒र्वन्तरि॑क्ष॒मन्वे॑मि ।।
हिन्दी अर्थ :
यह मंत्र हमें यह प्रेरणा देता है कि जीवन में जो भी नकारात्मक शक्तियाँ, दुष्ट प्रवृत्तियाँ और बाधाएँ हैं, वे नष्ट हो जाएँ।
सत्य, ज्ञान और धर्म के प्रकाश से अज्ञान, पाप और अन्याय समाप्त हो जाएँ। जिस प्रकार सूर्य के उदय होते ही अंधकार दूर हो जाता है, उसी प्रकार दिव्य ज्ञान से दुष्टता और अज्ञान समाप्त हो जाते हैं।
इस मंत्र में यह भी कहा गया है कि हम अपने विचारों और कर्मों को इतना पवित्र और शक्तिशाली बनाएं कि कोई भी दुष्ट शक्ति हमें मार्ग से विचलित न कर सके।
यह मंत्र मनुष्य को साहस, आत्मबल और धर्म के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है।
English Meaning :
This mantra prays for the destruction of evil forces and negative influences in life.
Just as darkness disappears when the sun rises, ignorance and injustice vanish in the presence of truth and knowledge.
The mantra inspires us to make our thoughts and actions pure and strong, so that no evil force can divert us from the path of righteousness.
It encourages courage, inner strength and commitment to the path of truth and virtue.
मंत्र :
ओ३म् धूर॑सि॒ धूर्व॒ धूर्व॑न्त॒ धूर्व॒ तं योऽस्मान धूर्वति॒ तं धूर्व॒ यं व॒यं धूर्वा॑मः। देवाना॑मसि॒ वह्नितम॒ꣳ सस्त्नि॑तमं॒ पप्रि॑तमं॒ जुष्ट॑तमं देव॒हूत॑मम् ।। ८।।
हिन्दी अर्थ :
यह मंत्र यह प्रार्थना है कि ईश्वर हमारे जीवन से सभी दुष्ट, नकारात्मक और विकारपूर्ण शक्तियों को नष्ट करें।
धूर्व शब्द यहाँ प्रतीकात्मक है – जो भी हमारी उन्नति और धर्म की राह में बाधा डालता है, उसे समाप्त किया जाए।
हम ईश्वर से यह भी प्रार्थना करते हैं कि वह हमें पवित्र, शांत और न्यायपूर्ण कार्य करने की शक्ति दें, और हमारे हवन, यज्ञ और कर्मों को सिद्ध करें।
इस मंत्र में यह संदेश है कि कर्म, पूजा और यज्ञ से हम नकारात्मक शक्तियों से सुरक्षा पा सकते हैं और जीवन को पवित्र और सफल बना सकते हैं।
English Meaning :
This mantra prays to the Lord to destroy all evil, negative, and harmful forces in our life.
The word "Dhūrva" symbolizes anything that obstructs our progress or righteous path, which should be removed.
We seek from God the strength to perform pure, peaceful, and righteous deeds, and to ensure that our yajnas, rituals, and actions are successful.
The mantra emphasizes that through righteous actions, yagnas, and devotion, we can safeguard ourselves from negative influences and lead a pure and prosperous life.
मंत्र :
ओ३म् अह्रु॑तमसि हवि॒र्धानं॒ दृꣳहस्व॒ मा ह्वा॒र्मा ते॑ यज्ञप॑तिर्ह्वार्षीत् । विष्णु॑स्त्वा क्रमतामु॒रु वाता॒याप॑हत॒ꣳरक्षो॒ यच्छ॑न्तां॒ पञ्च॑ ।। ९।।
हिन्दी अर्थ :
यह मंत्र हमें यह स्मरण कराता है कि हमारे द्वारा समर्पित हवन और यज्ञों से सभी अच्छे कर्म और वस्तुएँ विकसित हों।
ईश्वर, विशेषकर विष्णु, हमारे यज्ञों और कर्मों को सफल बनाएं।
यह मंत्र यह भी प्रार्थना करता है कि हमारे जीवन के पाँच मुख्य कर्तव्य और आवश्यकताओं की पूर्ति में ईश्वर की सहायता बनी रहे।
English Meaning :
This mantra reminds us that the offerings in our havan (sacred fire) and yajnas should nurture all good actions and resources.
God, particularly Vishnu, should make our yajnas and deeds successful.
It also prays for divine assistance in fulfilling the five principal duties and essential needs of life.
मंत्र :
ओ३म् दे॒वस्य॑ त्वा सवि॒तुः प्रस॒वेऽश्विनो॑र्बा॒हुभ्यां॑ पू॒ष्णो हस्ता॑भ्याम् । अ॒ग्नये॒ जुष्टं॑ गृह्राम्य॒ग्नीषोमा॑भ्यां जुष्टं॑ गृह्णामि ।। १०।।
हिन्दी अर्थ :
इस मंत्र में हम ईश्वर, सूर्य (सविता), अश्विन देवताओं और पूष्ण को प्रणाम करते हैं।
हम प्रार्थना करते हैं कि यज्ञ और अग्नि-सोमा की क्रियाएँ सफलता और सामर्थ्य से सम्पन्न हों।
यह मंत्र हमें यह भी स्मरण कराता है कि यज्ञ के माध्यम से हम ज्ञान और जीवन-शक्ति की प्राप्ति करते हैं।
English Meaning :
In this mantra, we offer salutations to God, the Sun (Savita), Ashvins, and Pushan.
We pray that the yajna and Agni-Soma rituals may be completed successfully and with strength.
It also reminds us that through yajna we gain knowledge and vital life energy.
मंत्र :
ओ३म् भू॒ताय॑ त्वा॒ नारा॑तये॒ स्व॒रभि॒विख्येषं॒ दृꣳहन्तां॒ दुर्य्याः पृथि॒व्यामु॒र्वन्तरि॑क्षमन्वे॑मि पृथि॒व्यास्त्वा॒ नाभौ॑ सादया॒म्यदित्याऽउ॒पस्थेऽग्ने ह॒व्यꣳ र॒क्ष ।। ११।।
हिन्दी अर्थ :
इस मंत्र में हम प्रार्थना करते हैं कि पृथ्वी और आकाश की सभी हानिकारक शक्तियों और दुर्जनों से सुरक्षा मिले।
हमारे घर, कृषि और सम्पत्ति सुरक्षित रहें।
अग्नि, जो यज्ञ में हवन की सामग्री को स्वीकार करती है, हमारे लिए कल्याणकारी और सुरक्षा देने वाली बने।
English Meaning :
In this mantra, we pray for protection from all harmful forces and wicked beings present on earth and in the sky.
May our homes, crops, and possessions remain safe.
May Agni, which accepts offerings in yajna, protect us and provide well-being.
मंत्र :
ओ३म् प॒वित्रे॑ स्थो वैष्ण॒व्यौ॒ सवि॒तुर्वः॑ प्रस॒व उत्पुना॒म्यच्छि॑द्रेण प॒वित्रे॑ण॒ सूर्य्यस्य र॒श्मिभिः॑ ।। देवी॑रापोऽअग्रेगुवोऽअग्रेपु॒वोग्र॑ऽइ॒मम॒द्य य॒ज्ञं न॑यताग्रे॑ यज्ञप॑तिꣳ सु॒धातुं॑ य॒ज्ञप॑तिन्देव॒युवम् ।। १२।।
हिन्दी अर्थ :
इस मंत्र में कहा गया है कि जिस प्रकार सूर्य की शुद्ध किरणें और पवित्र जल चीज़ों और मन को शुद्ध करती हैं, उसी प्रकार हम यज्ञ को शुद्ध और पवित्र साधनों के साथ संपन्न करें।
देवी-देवताओं की कृपा से यज्ञ हमेशा सफल और श्रेष्ठ फल देने वाला हो।
यज्ञ करने वाले देवपुत्र और शिक्षित व्यक्ति इस यज्ञ में शुद्धता और सफलता प्राप्त करें।
English Meaning :
This mantra prays that just as the pure rays of the Sun and holy waters purify objects and the mind, we should perform yajna with pure substances.
May the yajna always be fruitful and successful by the grace of the deities.
May the yajna performer, along with the learned devotees, be blessed with purity and success.
मंत्र :
ओ३म् यु॒ष्माऽइन्द्रो॑ऽवृणीत वृत्र॒तूर्ये॑ यू॒यमिन्द्र॑मवृणीध्व वृत्र॒तूर्ये॒ प्रोक्षि॑ता स्थ । अ॒ग्नये त्वा॒ जुष्टं॒ म्प्रोक्षा॑म्य॒ग्नीषोमा॑भ्यां त्वा॒ जुष्टं॒ प्रोक्षा॑मि । दैव्या॑य कर्म॑णे शुन्धध्वन्देवय॒ज्यायै॒ यद्वोऽशु॑द्धा पराज॒ध्नुरि॒दं व॒स्तच्छु॑न्धामि ।। १३।।
हिन्दी अर्थ :
इस मंत्र में कहा गया है कि जैसे इंद्र आकाश में वर्षा और बादलों का संचालन करता है, वैसे ही हम यज्ञ में देवताओं के लिए शुद्ध और पवित्र कर्म करें।
अग्नि और सोम के माध्यम से हम यज्ञ को संपन्न करते हैं और सभी अशुद्धियों और दोषों को दूर कर देते हैं।
यज्ञ के द्वारा सभी कार्यों में पवित्रता और सफलता प्राप्त हो, यही इस मंत्र में प्रार्थना है।
English Meaning :
This mantra states that just as Indra controls rain and clouds in the sky, we should perform pure and sacred actions in the yajna for the deities.
Through Agni and Soma, the yajna is conducted, removing all impurities and defects.
The mantra prays that yajna brings purity and success in all endeavors.
मंत्र :
ओ३म् शर्मा॒स्यव॑धूत॒ꣳ रक्षोऽव॑धूता॒ऽअरा॑त॒योऽदित्या॒स्त्वग॑सि॒ प्रति॒ त्वादि॑तिर्वेत्तु । अद्रि॑रसि वानस्प॒त्यो ग्रावा॑सि पृ॒थुबु॑ध्नः॒ प्रति॒ त्वादि॑त्या॒स्त्वग्वे॑त्तु ।। १४।।
हिन्दी अर्थ :
इस मंत्र में प्रार्थना है कि हमारा घर और संपत्ति सुरक्षित रहे और उसमें बुरे और अहंकारी लोगों का प्रवेश न हो।
जैसे पृथ्वी, पर्वत और वनस्पति सभी का पालन करते हैं और सूर्य से जीवन पाते हैं, वैसे ही हमें भी प्रकृति और ईश्वर की रक्षा का ज्ञान हो।
इस मंत्र के माध्यम से हम सीखते हैं कि हमारे जीवन और घर में सुरक्षा, स्थिरता और संतुलन बनाए रखना आवश्यक है।
English Meaning :
This mantra prays for the protection of our home and possessions, preventing wicked or selfish individuals from causing harm.
Just as the Earth, mountains, and vegetation are sustained and nourished by the sun, so too should we understand the divine and natural protection.
Through this mantra, one learns the importance of safety, stability, and balance in life and household.
मंत्र :
ओ३म् अ॒ग्नेस्त॒नूर॑सि वा॒चो वि॒सर्ज॑नं देववी॑तये त्वा गृह्णामि बृहद्ग्रा॑वासि वानस्प॒त्यः सऽइदं देवेभ्यो॑ ह॒विः श॑मीष्व सु॒शमि॑ शमीष्व । हवि॑ष्कृ॒देहि॑ हवि॑ष्कृ॒देहि॑ ।। १५।।
हिन्दी अर्थ :
इस मंत्र में अग्नि को जीवन और वाणी का प्रतीक माना गया है। हमारे द्वारा किए जाने वाले यज्ञ और हवन से अग्नि ग्रहण करती है और उसे देवताओं तक पहुँचाती है।
यह मंत्र यह भी प्रार्थना है कि यज्ञ में प्रयुक्त सामग्री शुद्ध हो और हवन के माध्यम से ज्ञान, सुख और समृद्धि प्राप्त हो।
इसके माध्यम से हम सीखते हैं कि हमारे कर्म और यज्ञ से जीवन में शांति, समृद्धि और पवित्रता आती है।
English Meaning :
In this mantra, Agni (fire) is considered the symbol of life and speech. The offerings in yajna and homa are received by Agni and conveyed to the gods.
The mantra prays that the materials used in the yajna are pure, and through the fire offering, knowledge, happiness, and prosperity are attained.
Through this, we learn that righteous actions and yajnas bring peace, prosperity, and purity in life.
मंत्र :
ओ३म् कु॒क्कु॒टोऽसि॒ मधु॑जिह्व॒ऽइष॒मूर्ज॒माव॑द॒ त्वया॑ व॒याꣳ सं॑घा॒तꣳ सं॑घा॒तं जैष्म व॒र्षवृ॑द्धमसि॒ प्रति॑ त्वा व॒र्षवृ॑द्ध वेत्तु॒ परा॑पूत॒ꣳ रक्षः॒ परा॑पूता॒अरा॑त॒योप॑हत॒ꣳ रक्षों वा॒युर्वो॒ विवि॑नक्तु दे॒वो वः॑ सवि॒ता हिर॑ण्यपाणिः॒ प्रति॑ गृभ्णा॒त्वच्छि॑द्रेण पा॒णिना॑ ।। १६।।
हिन्दी अर्थ :
इस मंत्र में कुकर (मुर्गा) और मधु (मधुर वाणी) का उल्लेख है, जो यज्ञ और शुभ कर्म के प्रतीक हैं। हमारे द्वारा किए गए यज्ञ, हवन और शुभ कर्मों से वायु और अन्य तत्व शुद्ध होते हैं।
देवताओं से यह प्रार्थना है कि वे हमें संरक्षण दें और हमारे प्रयासों को सफल बनाएं। साथ ही, यज्ञ में प्रयुक्त सामग्री और कर्म शुद्ध और पवित्र हों।
English Meaning :
This mantra mentions the rooster and sweet speech, symbolizing yajna and auspicious acts. Through the performance of yajnas and righteous deeds, the elements like air are purified.
It is a prayer to the gods to protect us and make our efforts successful. Also, it seeks that the materials and actions in the yajna be pure and sanctified.
मंत्र :
ओ३म् धृष्टिर॒स्यपाग्नेऽअ॒ग्निमा॒मादं॑ जहि॒ निष्क्र॒व्याद॑ꣳ से॒धा दे॑व॒यजं वह। ध्रु॒वम॑सि पृथि॒वीं दृ॑ꣳह ब्रह्म॒वनि॑ त्वा क्षत्र॒वनि॑ सजात॒वन्युप॑दधामि॒ भ्रातृ॑व्यस्य व॒धाय॑।। १७।।
हिन्दी अर्थ :
इस मंत्र में अग्नि की शक्ति और धृष्टता का उल्लेख है। हम प्रार्थना करते हैं कि अग्नि हमारे यज्ञ और कर्मों को पवित्र करे और उसे निष्कलंक और शुद्ध बनाए।
हम ब्रह्माण्ड और पृथ्वी को स्थिर और सुरक्षित रहने दें। साथ ही, यह मंत्र भ्रातृव्य (सत्य और धर्म के लिए रक्षा) के कार्य में हमारी सहायता करने का आह्वान करता है।
English Meaning :
This mantra invokes the power and boldness of Agni (fire). It prays that the fire purifies our yajnas and deeds, keeping them immaculate and sacred.
It also seeks stability and protection for the Earth and the cosmos. Additionally, it calls for assistance in righteous acts and the protection of kin and Dharma.
मंत्र :
ओ३म् अग्ने॒ ब्रह्म॑ गृभ्णीष्व ध॒रुण॑मस्य॒न्तरि॑क्षं दृꣳह ब्रह्म॒वनि॑ त्वा क्षत्र॒वनि॑ सजात॒वन्युप॑दधामि॒ भ्रातृ॑व्यस्य व॒धाय॑। ध॒र्त्रमसि॒ दिवं॑ दृꣳह ब्रह्म॒वनि॑ त्वा क्षत्र॒वनि॑ सजात॒वन्युप॑दधामि॒ भ्रातृ॑व्यस्य व॒धाय॑ । विश्वा॑भ्य॒स्त्वाशा॑भ्यऽउप॑दधामि॒ चित॑ स्थोर्ध्व॒चितो॒ भृगू॑णा॒मङ्गि॑रसां॒ तप॑सा तप्यध्वम् ।। १८।।
हिन्दी अर्थ :
इस मंत्र में अग्नि और दिव्य शक्तियों के माध्यम से ब्रह्माण्ड और पृथ्वी की रक्षा का आह्वान किया गया है। हम प्रार्थना करते हैं कि अग्नि हमारे यज्ञ और धर्म के कार्यों को पवित्र करे और भ्रातृव्य (धर्म और भाईचारे) के कार्य में सहायता करे।
साथ ही, सभी जीवों और ब्रह्माण्ड के तत्वों के लिए स्थिरता, सुरक्षा और आध्यात्मिक तपस्या का आह्वान किया गया है।
English Meaning :
This mantra invokes Agni and divine powers for the protection of the universe and the Earth. It prays that fire purifies our yajnas and righteous deeds and aids in acts of Dharma and brotherhood.
It also calls for stability, protection, and spiritual austerity for all beings and the elements of the cosmos.
मंत्र :
ओ३म् शर्मा॒स्यव॑धू॒तꣳ रक्षोऽव॑धूता॒ऽअरा॑त॒योदि॑त्या॒स्त्वगसि॒ प्रति॒ त्वादि॑तिर्वेत्तु। धि॒षणा॑सि पर्व॒ती प्रति॒ त्वादि॑त्या॒स्त्वग्वे॑त्तु दि॒वः स्क॑म्भ॒नीर॑सि धि॒षणा॑सि पार्वते॒यी प्रति॑ त्वा पर्व॒ती वे॑त्तु।। १९।।
हिन्दी अर्थ :
इस मंत्र में ब्रह्माण्ड के संरक्षक और प्रकृति की दिव्य शक्तियों का आह्वान किया गया है। यह प्रार्थना करता है कि देवता और पर्वतों की देवी (पार्वती) हमारी रक्षा करें और हमें स्थिरता और सुरक्षा प्रदान करें।
साथ ही, सूर्य और आकाश के माध्यम से जीवन और शक्ति के पवित्र तत्वों का संरक्षण सुनिश्चित किया गया है।
English Meaning :
This mantra invokes the cosmic protectors and divine forces of nature. It prays that the deities and Goddess of mountains (Parvati) safeguard us and provide stability and protection.
It also ensures the preservation of the sacred elements of life and energy through the Sun and the sky.
मंत्र :
ओ३म् धा॒न्य॒मसि धिनु॒हि दे॒वान्प्रा॒णाय॒ त्वोदा॒नाय॑ त्वा व्या॒नाय॑ त्वा। दी॒र्घामनु॒ प्रसि॑ति॒मायु॑षे धान्दे॒वो वः॑ सवि॒ता हिर॑ण्यपाणिः॒ । प्रति॑गृभ्णा॒त्वच्छि॑द्रेण पा॒॒णिना॒ चक्षु॑षे त्वा म॒हीनां॒ पयो॑ऽसि ।। २०।।
हिन्दी अर्थ :
इस मंत्र में देवताओं से प्रार्थना की गई है कि वे हमें जीवन, स्वास्थ्य और समृद्धि प्रदान करें। यह ध्यान दिलाता है कि सूर्य (सविता) और आकाशीय शक्तियां हमें दीर्घायु और पवित्रता प्रदान करें।
साथ ही, यह मंत्र यह भी कहता है कि हमें अन्न, पानी और दृष्टि जैसी जीवनोपयोगी शक्तियां प्राप्त हों।
English Meaning :
This mantra prays to the deities to grant us life, health, and prosperity. It emphasizes that the Sun (Savita) and celestial forces provide long life and purity.
Additionally, the mantra seeks blessings for essential life elements such as food, water, and vision.
मंत्र :
ओ३म् दे॒वस्य॑ त्वा सवि॒तुः प्र॑स॒वेश्विनो॑र्बा॒हुभ्या॒म्पू॒ष्णो हस्ता॑भ्याम्। सं व॑पा॒मि समाप॒ऽओष॑धीभिः॒ समोष॑धयो रसे॑न। सꣳ रे॒वती॒र्जग॑तीभिः पृच्यन्ता॒ᳬ सम्मधु॑मती॒र्मधु॑मतीभिः पृच्यन्ताम्। २१।।
हिन्दी अर्थ :
इस मंत्र में सूर्य देव (सविता) से प्रार्थना की गई है कि वे हमें स्वास्थ्य और शक्ति प्रदान करें। हमने उनसे यह भी प्रार्थना की है कि हमारे लिए औषधियों और उनके रसों से सुरक्षा और लाभ सुनिश्चित करें। साथ ही, यह मंत्र जगत में समस्त जीवों के कल्याण और मधुरता की कामना करता है।
English Meaning :
In this mantra, the Sun God (Savita) is invoked for health and strength. The prayer also seeks protection and benefit through the medicinal herbs and their essence. Additionally, the mantra wishes for the welfare and sweetness of life for all beings in the world.
मंत्र :
ओ३म् जन॑यत्यै त्वा॒ संयो॑मी॒दम॒ग्नेरि॒दम॒ग्नीषोम॑योरि॒षे त्वा॑ घ॒र्मो॒सि वि॒श्वायु॑रु॒रुप्र॑थाऽउ॒रु प्र॑थस्वो॒रु। ते॑ यज्ञप॑तिः प्रथताम॒ग्निष्टे त्वचं॒ मा हिंꣳसीद्दे॒वस्त्वा॑ सवि॒ता श्र॑पयतु॒ वर्षि॒ष्ठेधि॒ नाके॑। २२।।
हिन्दी अर्थ :
इस मंत्र में अग्नि और सोम के माध्यम से सूर्य देव (सविता) से प्रार्थना की गई है कि वे हमें जीवन और शक्ति प्रदान करें। यज्ञपति (देव) से निवेदन है कि हमारे लिए अहिंसा बनाए रखें और हम उनके आशीर्वाद से सुरक्षित रहें। साथ ही यह मंत्र वर्षा और स्वास्थ्य की वृद्धि की भी कामना करता है।
English Meaning :
In this mantra, through Agni (fire) and Soma, the Sun God (Savita) is invoked to grant life and strength. The Yajna Lord (Deity) is requested to ensure non-violence for us and protect us with His blessings. The mantra also seeks increase of rain and good health.
मंत्र :
ओ३म् मा भे॒र्मा सँवि॑क्था॒ऽअत॑मेरुर्य॒ज्ञोऽत॑मेरु॒र्यज॑मानस्य प्र॒जा भू॑यात्त्रि॒ताय॑ त्वा द्वि॒ताय॑ त्वेक॒ताय॑ त्वा ।। २३।।
हिन्दी अर्थ :
इस मंत्र में यज्ञ के माध्यम से प्रार्थना की गई है कि यजमान (जिसके लिए यज्ञ किया जा रहा है) की प्रजा (जन) संपन्न और सुरक्षित रहे। त्रितय (तीनों लोक), द्वितय (दो लोक) और एकताय (एकत्व) के संदर्भ में यज्ञ की शक्ति से सबके कल्याण की कामना की गई है।
English Meaning :
Through this mantra, it is prayed that the people (praja) of the Yajamana (the one for whom the Yajna is performed) remain prosperous and protected. The mantra invokes the power of Yajna for welfare in three worlds (tritaya), two aspects (dvitaya), and unity (ekataya).
मंत्र :
ओ३म् दे॒वस्य॑ त्वा सवि॒तुः प्रे॑स॒वेऽश्विनो॑र्बा॒हुभ्याम्पू॒ष्णो हस्ता॑भ्याम्। आद॑देऽध्वर॒कृतं॑न्दे॒वेभ्य॒ऽइन्द्र॑स्य बा॒हुर॑सि दक्षि॑णः स॒हस्त्र॑भृष्टिः श॒तते॑जा वा॒युर॑सि ति॒ग्मते॑जा द्विष॒तो व॒धः ।। २४।।
हिन्दी अर्थ :
इस मंत्र में यजमान और यज्ञ की प्रजा की रक्षा और समृद्धि के लिए प्रार्थना की गई है। सूर्य (सविता), अश्विन देव और पूष्णा के हाथों से यज्ञ और इसकी सामग्री (हविष) सुरक्षित रहें। इन्द्र की शक्ति, वायु और तेज के माध्यम से विपत्ति और शत्रुओं से रक्षा की कामना की गई है।
English Meaning :
This mantra prays for the protection and prosperity of the Yajamana and the people involved in the Yajna. Through the hands of Savita (Sun), Ashvin gods, and Pushan, may the Yajna and its offerings remain safe. It invokes the power of Indra, air, and energy to guard against calamities and enemies.
मंत्र :
ओ३म् पृथि॑वि देवयज॒न्योष॑ध्यास्ते॒ मूल॒म्मा हिंꣳसिषं व्रजङ्ग॑च्छ गोष्ठानंवर्ष॑तु ते॒ द्यौर्बधा॒न दे॑व सवितः पर॒मस्या॑म्पृथि॒व्याꣳ श॒तेन॒ पाशै॒र्योऽस्मान्द्वेष्टि॒ यञ्च॑ व॒यन्द्वि॒ष्मस्तमतो॒ मा मौ॑क् ।। २५।।
हिन्दी अर्थ :
इस मंत्र में पृथ्वी और देवताओं से प्रार्थना की गई है कि यज्ञ और उसकी सामग्री (हविष) को कोई हानि न पहुँचाए। गोशालाओं और यज्ञ स्थल को समृद्ध और सुरक्षित रखें। सूर्य (सविता) और पृथ्वी की शक्ति से हमारी रक्षा हो। शत्रु या दुश्मनों से हम पर कोई विपत्ति न आए।
English Meaning :
This mantra prays to the Earth and the gods to protect the Yajna and its offerings from harm. May the cattle enclosures and Yajna grounds flourish and remain safe. Through the power of Savita (Sun) and the Earth, may we be protected. May enemies or harmful forces not affect us.
मंत्र :
ओ३म् अपा॒ररुं॑ पृथि॒व्यै देव॒यज॑नाद्वध्यासँव्र॒जङ्ग॑च्छ गो॒ष्ठानं॒वर्ष॑तु ते॒ द्यौर्ब॑धा॒न दे॑व सवितः पर॒मस्या॑म्पृथिव्याᳬ श॒तेन॒ पाशै॒र्योऽस्मान्द्वेष्टि॒ यं च॑ व॒य द्विष्मस्तमतो॒ मा मौ॑क् । अर॑रो॒ दिव॒म्मा प॑प्तो द्र॒प्सस्ते॒ द्याम्मा स्क॑न्व्रजङ्ग॑च्छ गो॒ष्ठानंवर्ष॑तु ते॒ द्यौर्ब॑धा॒न दे॑व सवितः पर॒मस्या॑म्पृथि॒व्याᳬ श॒तेन॒ पाशै॒र्योऽस्मान्द्वेष्टि॒ यञ्च॑ व॒यं द्वि॒ष्मस्तमतो॒ मा मौ॑क् ।। २६।।
हिन्दी अर्थ :
इस मंत्र में भी पृथ्वी और देवताओं से प्रार्थना की गई है कि यज्ञ स्थल और गोशालाएँ सुरक्षित और समृद्ध रहें। सूर्य (सविता) और पृथ्वी की शक्ति से हमारी रक्षा हो। हम पर शत्रुओं या विपत्तियों का प्रभाव न पड़े। अतः यज्ञ और उसकी सामग्री सुरक्षित रहें।
English Meaning :
This mantra prays for the safety and prosperity of Yajna grounds and cattle enclosures. May the Sun (Savita) and the Earth protect us. May enemies or harmful influences not affect us. In essence, it is a prayer for safeguarding the offerings, the yajna, and all associated living beings.
मंत्र :
ओ३म् गा॒य॒त्रेण त्वा॒ छन्द॑सा परि॑गृह्णामि॒ त्रैष्टु॑भेन त्वा॒ छन्द॑साॱ परि॑गृह्णामि॒ जग॑तेन त्वा॒ छन्द॑सा॒ परि॑गृह्णामि॒ । सु॒क्ष्मा चा॑सि शि॒वा चासि स्यो॒ना चासि॑ सुषदा॑ चा॒स्यू॑र्ज॑स्वती॒ चासि॒ पय॑स्वती च ।। २७।।
हिन्दी अर्थ :
इस मंत्र में गायत्री, त्रैष्टुभ और जगत-छंद से भगवान से प्रार्थना की गई है कि आप हमारे जीवन में समस्त शुभता और ज्ञान लाएँ। आप सूक्ष्म (सर्वज्ञ), शिव (कल्याणकारी), स्योना (समृद्धि देने वाले), सुषदा (स्वस्थ और बलशाली) और जेस्वती (ज्ञान देने वाले) तथा पयस्वती (स्नेह और पोषण देने वाले) हैं।
English Meaning :
This mantra invokes the divine through Gayatri, Trishtubh, and Jagat meters. It praises the Lord as subtle (all-knowing), auspicious, bestower of prosperity, health, knowledge, and nourishment. It is a prayer for blessings, protection, and growth of virtuous qualities in life.
मंत्र :
ओ३म् पु॒रा क्रू॒रस्य॑ वि॒सृपो॑ विरप्शिन्नुदा॒दाय॑ पृथि॒वीञ्जी॒वदा॑नुम्। यामै॑र॑यँश्च॒न्द्रम॑सि स्व॒धाभि॒स्तामु॒ धीरा॑सोऽअनु॒दिश्य॑ यजन्ते। प्रोक्षणी॒रा॒सा॑दय द्विष॒तो व॒धो॒ऽसि ।। २८ ।।
हिन्दी अर्थ :
इस मंत्र में कहा गया है कि प्राचीन काल में जो निर्दयी और क्रूर व्यक्ति थे, उनके वंश या कृत्यों का नाश किया गया। धीर पुरुषों ने यज्ञ द्वारा सूर्य और चंद्रमा की उपासना कर शुद्ध कर्म किए। यह मंत्र शत्रुओं और दुष्टों के विनाश तथा धर्म और न्याय की स्थापना के लिए है।
English Meaning :
This mantra narrates that in ancient times, cruel and wicked individuals were subdued or destroyed. The wise and courageous performed yajnas, worshiping the Sun and Moon with pure actions. It emphasizes the destruction of enemies and evil-doers and the establishment of righteousness and justice.
मंत्र :
ओ३म् प्रत्युष्ट॒ꣳ र॒क्षः प्रत्यु॑ष्टा॒ऽअरातयो॒ निष्ट॑प्प्त॒ꣳ रक्षो॒ निष्ट॑प्ता॒ऽअरा॑तयः। अनि॑शितोऽसि सपत्न॒क्षिद्वा॒जिनं॑ त्वा वाजे॒ध्यायै॒ सम्मा॑र्ज्मि। प्रत्यु॑ष्ट॒ꣳ रक्षः॒ प्रत्यु॑ष्टा॒ऽअरा॑तयो॒ निष्ट॑प्त॒ꣳ रक्षो॒ निष्ट॑प्ता॒ऽअरा॑तयः। अनि॑शितासि॒ सपत्न॒क्षिद्वा॒जिनी॑न्त्वा वाजे॒ध्यायै॒ सम्मार्ज्मि ।। २९।।
हिन्दी अर्थ :
यह मंत्र कहता है कि हमें अपने शत्रुओं और दुष्टों से सुरक्षा प्राप्त हो। यज्ञ और वाजपेय कर्मों के माध्यम से शत्रु नष्ट हों और धर्म की स्थापना हो। यह मंत्र शत्रु पर विजय पाने और सुरक्षा सुनिश्चित करने का विधान बताता है।
English Meaning :
This mantra prays for protection from enemies and wicked beings. Through the performance of yajnas and sacred rituals (Vajapeya), the enemies are destroyed, and righteousness is established. It emphasizes divine protection and the victory of virtue over vice.
मंत्र :
ओ३म् अदि॑त्यै॒ रास्ना॑सि॒ विष्णो॑र्वे॒ष्पो॒स्यू॒॑र्जे त्वाऽद॑ब्धेन त्वा॒ चक्षु॒षाव॑पश्यामि। अ॒ग्नेर्जि॒ह्वासि॑ सु॒हूर्दे॒वेभ्यो॒ धाम्ने॑ धाम्ने मे भव॒ यजु॑षे यजुषे ।। ३०।।
हिन्दी अर्थ :
हे आदित्य (सूर्यदेव), मैं तुम्हें अपनी आँखों से देखता हूँ। हे विष्णु, हे यज्ञ में प्रकट होने वाले अग्नि, हे मित्र, हे देवों के देव, हे धाम (स्थिर) में रहने वाले, तुम मेरे यज्ञ और यज्ञ कार्यों में सदा उपस्थित रहो और मार्गदर्शन करो।
English Meaning :
O Aditya (Sun God), I behold Thee with my eyes. O Vishnu, O Agni present in Yajna, O Friend, O Lord of the Gods, O Abode of the divine, be ever present in my sacrifices and sacred rites, and guide me through the performance of yajnas.
मंत्र :
ओ३म् स॒वि॒तुस्त्वा॑ प्रस॒वऽउत्पु॑ना॒म्यच्छि॑द्रेण प॒वित्रेण सूर्यस्य र॒श्मिभिः॑। स॒वि॒तुर्वः॑ प्र॒स॒वऽउत्प॑ना॒म्यच्छि॑द्रेण पवि॒त्रे॑ण सूर्य॑स्य र॒श्मिभिः॑। तेजो॑सि शु॒क्रम॑स्य॒मृत॑मसि॒ धाम॒ नामा॑सि प्रि॒यन्दे॒वाना॒मना॑धृष्टं देव॒यज॑नमसि।। ३१।।
हिन्दी अर्थ :
हे सविता (सूर्यदेव), तुम्हारे शुद्ध और पवित्र प्रकाश से उत्पत्ति और प्रसव का आशीर्वाद मिले। तुम तेजस्वी, शुद्ध और अमृततुल्य हो। तुम देवों के प्रिय हो और यज्ञ करने वालों के मार्गदर्शक भी।
English Meaning :
O Savita (Sun God), may Thy pure and sacred rays bless the birth and growth of all beings. Thou art radiant, pure, and immortal. Thou art dear to the Gods and a guide to those performing Yajnas.
समाप्तिः : इति प्रथमोऽध्यायः।


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