जीवन का उद्देश्य

दुःखजन्मप्रवृत्तिदोषमिथ्याज्ञानानामुत्तरोत्तरापाये तदनन्तरापायादपवर्गः II1/1/2 न्यायदर्शन अर्थ : तत्वज्ञान से मिथ्या ज्ञान का नाश हो जाता है और मिथ्या ज्ञान के नाश से राग द्वेषादि दोषों का नाश हो जाता है, दोषों के नाश से प्रवृत्ति का नाश हो जाता है। प्रवृत्ति के नाश होने से कर्म बन्द हो जाते हैं। कर्म के न होने से प्रारम्भ का बनना बन्द हो जाता है, प्रारम्भ के न होने से जन्म-मरण नहीं होते और जन्म मरण ही न हुए तो दुःख-सुख किस प्रकार हो सकता है। क्योंकि दुःख तब ही तक रह सकता है जब तक मन है। और मन में जब तक राग-द्वेष रहते हैं तब तक ही सम्पूर्ण काम चलते रहते हैं। क्योंकि जिन अवस्थाओं में मन हीन विद्यमान हो उनमें दुःख सुख हो ही नहीं सकते । क्योंकि दुःख के रहने का स्थान मन है। मन जिस वस्तु को आत्मा के अनुकूल समझता है उसके प्राप्त करने की इच्छा करता है। इसी का नाम राग है। यदि वह जिस वस्तु से प्यार करता है यदि मिल जाती है तो वह सुख मानता है। यदि नहीं मिलती तो दुःख मानता है। जिस वस्तु की मन इच्छा करता है उसके प्राप्त करने के लिए दो प्रकार के कर्म होते हैं। या तो हिंसा व चोरी करता है या दूसरों का उपकार व दान आदि सुकर्म करता है। सुकर्म का फल सुख और दुष्कर्मों का फल दुःख होता है परन्तु जब तक दुःख सुख दोनों का भोग न हो तब तक मनुष्य शरीर नहीं मिल सकता !

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MK PANDEY PRESIDNT OF GVB

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माँ की ममता

 

👉 माँ की ममता

 

🔷 75 साल की उस बुढ़िया माँ का वजन लगभग 40 किलो होगा! आज जब तबियत बिगड़ने पर वो डॉक्टर को दिखाने गयी!

 

🔶 डॉक्टर ने कहा ‘ माताजी आप हेल्थ का ख्याल रखिये! आप का वजन जरूरत से ज्यादा कम है! आप खाने में जूस, सलाद, दूध, फल, घी, मेवा और हेल्थी फ़ूड लिजियें! नहीं तो आपकी सेहत दिनों दिन गिरती जायेगी और हालत नाजुक हो जायेंगे! ‘

 

🔷 उसने भारी मन से डॉक्टर की बात को सुना और बाहर निकल कर सोचने लगी, इतनी महंगाई में ये सब कहाँ से आएगा……??? और पिछले पचास सालों में, फ्रूट, घी, मेवा घर में लाया कौन है…।???

 

🔶 बहुत ही मामूली पेंशन से जो थोडा बहुत पैसा मिलता है उससे घर के जरुरी सामान तो पति ले आतें है, लेकिन फल, जूस, हरी सब्जी, ये सब पति ने कभी ला कर नहीं दिया,…।और खुद भी कभी ये सब खरीदने की हिम्मत नहीं कर सकी…।क्यूंकि जब भी मन करता कुछ खाने का, खाली पर्स हमेशा मुंह चिढाने लगता…।

 

🔷 शहर में … मामूली सी नौकरी में और जिंदगी की गहमागहमी में सारी जमा पूंजी, पति का PF, घर की सारी अमानत, संपदा, गहने जेवर सब एक बेटे और दो बेटियों की परवरिश, पढाई लिखाई शादी में में सब कुछ खत्म हो गया…

 

🔶 दूर दिल्ली में रह रहा एक बहुत बड़ी कंपनी में मैनेजर और मोटी तनख्वाह उठा रहा बेटा भी तो खर्चे के नाम पर सिर्फ पांच सौ रुपये देता है…वो भी महीने के…।। बेटियों से अपने दुःख माँ ने सदा छुपाये है…उन्हें कभी अपने गमो में शामिल नहीं किया…आखिर ससुराल वाले क्या सोचेंगे…।।???

 

🔷 अब बेटे के भेजे इन पांच सौं रुपये में बूढ़े माँ बाप तन ढके या मन की करें ????? उसने सोचा चलो एक बार बेटे को डॉक्टर की रिपोर्ट बता दी जाए।।

 

🔶 उसने बेटे को फ़ोन किया और कहा – बेटा डॉक्टर ने बताया है की विटामिन, खून की की कमी, कमजोरी से से चक्कर आये थे…।इसी लिए खाने में सलाद, जूस, फ्रूट, दूध, फल, घी, मेवा लेना शुरू करो!

 

🔷 बेटा – “माँ आप को जो खाना है खाओ, डॉक्टर की बात ना मानों…।!” माँ ने कहा – बेटा, थोड़े पैसे अगर भेज देता तो ठीक रहता…।।!

 

🔶 बेटा – ” माँ इस माह मेरा बहुत खर्चा हो रहा है, कल ही तेरी पोती को मैंने फिटनेस जिम जोईन कराया है, तुझे तो पता ही है, वो कितनी मोटी हो रही है, इसी लिए जिम जोईन कराया है……।उसके महीने के सात हजार रुपये लगेंगे…………।।जिसमे उसका वजन, चार किलो हर माह कम कराया जाएगा…।। और कम से कम पांच माह तो उसे भेजना ही होगा……।पैंतीस हजार का ये खर्चा बैठे बिठाये आ गया…।अब जरुरी भी तो है ये खर्चा…!!

 

🔷 आखिर दो तीन साल में इसकी शादी करनी है और आज कल मोटी लड़कियां, पसंद कोई करता नहीं…।।!! ”

 

🔶 माँ ने कहा – ” हाँ बेटा ये तो जरुरी था…।।कोई बात नहीं वैसे भी डॉक्टर लोग तो ऐसे ही कुछ भी कहतें रहते है…।।चक्कर तो गर्मी की वजह से आ गयें होंगे, वरना इतने सालों में तो कभी ऐसा नहीं हुआ…।।खाना तो हमेशा से यही खा रही हूँ मैं…!!!”

 

🔷 बेटा – “हाँ माँ…।।अच्छा माँ अभी मैं फोन रखता हूँ …।बेटी के लिए डाइट चार्ट ले जाना है और कुछ जूस, फ्रूट और डायट फ़ूड भी …।आप अपना ख्याल रखना!”

फोन कट गया…।

 

🔶 माँ ने एक ग्लास पानी पिया… और साडी पर फोल लगाने मे लग गयी…। एक साड़ी में फोल लगाने के माँ को पन्द्रह रुपये मिलेंगे…।।।।।

 

🔷 माँ के पास आज साड़ी में फोल लगाने के तीन आर्डर है…माँ ने मन ही मन श्री गणेश का शुक्रिया अदा किया क्यूंकि आज वो आधा किलो लड्डू खरीद ही लेंगी गणेश जी की पूजा के लिए इन पैसो से…और मन ही मन अपने बेटे की सुखी और समृद्ध जिंदगी के लिए प्रभु श्री गणेश से प्रार्थना भी की!!

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