अथर्ववेदः/काण्डं १/सूक्तम् ३४

इयं वीरुन् मधुजाता - श्लोक 1

इयं वीरुन् मधुजाता मधुना त्वा खनामसि - श्लोक 1

इयं वीरुन् मधुजाता मधुना त्वा खनामसि ।
मधोरधि प्रजातासि सा नो मधुमतस्कृधि ॥१॥

Hindi:
हे मधु! यह वीर्यवान मधु आपसे उत्पन्न हुआ है। आप इसे ग्रहण करें और हमें मधुरता प्रदान करें।

English:
O honey! This mighty honey is born from you. May you grant it to us and bless us with sweetness.

Word by Word:
इयं = यह | वीरुन् मधुजाता = वीर्यवान मधु से उत्पन्न | मधुना त्वा खनामसि = मधु के द्वारा खाया/संपन्न किया | मधोरधि = मधु का समुंदर | प्रजातासि = उत्पन्न हुए | सा नो = हमारे लिए | मधुमतस्कृधि = मधुरता प्रदान करें
जिह्वाया अग्रे मधु मे जिह्वामूले मधूलकम् ।
ममेदह क्रतावसो मम चित्तमुपायसि ॥२॥

Hindi:
हे मधु! मेरे जीभ के सामने और जिह्वा के मूल में मधु डालें। यह मेरे यज्ञ और मेरे चित्त को संपन्न करे।

English:
O honey! Place honey at the tip and root of my tongue. May it enrich my ritual and my mind.

Word by Word:
जिह्वाया अग्रे = जीभ के सामने | मधु मे = मेरा मधु | जिह्वामूले = जिह्वा के मूल में | मधूलकम् = मधु का स्वाद | ममेदह = मेरे यज्ञ के लिए | क्रतावसो = यज्ञ में | मम चित्तमुपायसि = मेरे मन को संपन्न करें
मधुमन् मे निक्रमणं मधुमन् मे परायणम् ।
वाचा वदामि मधुमद्भूयासं मधुसंदृशः ॥३॥

Hindi:
हे मधु! मेरे लिए मधु का निक्रमण और परायण बनें। मैं इसे बोलकर मधुरता फैलाऊँ।

English:
O honey! May honey flow and fulfill me. I speak it so that sweetness spreads.

Word by Word:
मधुमन् मे = मेरे लिए मधु | निक्रमणं = प्रवाह / बहाव | परायणम् = पूर्ति | वाचा वदामि = मैं बोलता हूँ | मधुमद्भूयासं = मधुरता प्रदान करें | मधुसंदृशः = मधु के समान
मधोरस्मि मधुतरो मदुघान् मधुमत्तरः ।
मामित्किल त्वं वनाः शाखां मधुमतीमिव ॥४॥

Hindi:
हे मधु! मैं मधुरता में, मधु के भंडार में हूँ। हे वन, तुम मधुमती शाखा की तरह हो।

English:
O honey! I am in sweetness, in the storehouse of honey. O forest, you are like the honey-laden branch.

Word by Word:
मधोरस्मि = मैं मधुरता में हूँ | मधुतरो = मधु का भंडार | मदुघान् = मधु का संग्रह | मधुमत्तरः = मधुरतम | मामित्किल = मुझे | त्वं = तुम | वनाः शाखां = वन की शाखा | मधुमतीमिव = जैसे मधुमती
परि त्वा परितत्नुनेक्षुणागामविद्विषे ।
यथा मां कमिन्यसो यथा मन् नापगा असः ॥५॥

Hindi:
हे मधु! तुम्हारे चारों ओर घिरे हुए, विरोधी दूर रहें। जैसे मुझे कोई नुकसान न पहुँचे।

English:
O honey! Surrounding you, may the adversaries stay away, so that no harm comes to me.

Word by Word:
परि त्वा = तुम्हारे चारों ओर | परितत्नुने = घिरा हुआ | क्षुणागाम = विरोधी / शत्रु | विद्विषे = दूर रहें | यथा = जैसे | मां = मुझे | कमिन्यसो = नुकसान | मन् नापगा असः = पहुँच न सके

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