Science और Veda का एक गहरा सवाल**
हम सब कभी न कभी यह सवाल पूछते हैं —
मैं कौन हूँ?
क्या मैं सिर्फ यह शरीर हूँ?
क्या मेरी सोच, मेरी चेतना, सिर्फ दिमाग के कारण है?
आज की science कहती है कि दिमाग (brain) ही सब कुछ है।
लेकिन Vedic दर्शन इससे अलग बात करता है।
तो सवाल यह है —
सही कौन है? Science या Veda?
या फिर… दोनों कुछ अलग-अलग स्तरों पर सच कह रहे हैं?
आधुनिक विज्ञान के अनुसार:
यानि:
Consciousness = Brain activity
लेकिन यहाँ एक बड़ी समस्या है।
👉 Science आज तक यह नहीं बता पाई कि
“अनुभव” (experience) कहाँ से आता है?
ये सब signal नहीं, अनुभव हैं।
इसे ही scientists कहते हैं:
The Hard Problem of Consciousness
Vedic दर्शन कहता है —
उपनिषद कहते हैं:
“जिससे मन सोचता है, वही आत्मा है”
यानि:
वही है — चेतना / आत्मा
यह समझना बहुत ज़रूरी है:
❌ Science गलत नहीं है
❌ Veda अवैज्ञानिक नहीं हैं
दोनों बस अलग स्तर पर काम करते हैं।
| Science | Veda |
|---|---|
| बाहर की दुनिया | भीतर की दुनिया |
| पदार्थ | चेतना |
| माप | अनुभव |
| brain | awareness |
Science पूछती है:
“यह कैसे काम करता है?”
Veda पूछते हैं:
“यह अनुभव किसे हो रहा है?”
हाँ — और वही सबसे दिलचस्प है।
कुछ भारतीय दर्शन कहते हैं कि:
इसे कहा जाता है:
Traita-vada (त्रैतवाद)
इसमें तीन मूल तत्व माने जाते हैं:
यही मॉडल:
नहीं।
इस विषय पर हमने एक गंभीर academic paper तैयार किया है,
जिसमें:
तीनों को तुलनात्मक रूप से समझाया गया है।
👉 पूरा गहन लेख यहाँ पढ़ें:
🔗 (त्रैतवाद एक वैसेज्ञानिक विवेचन )
Q1. क्या Consciousness दिमाग से अलग हो सकती है?
👉 Veda हाँ कहते हैं, science अभी शोध में है।
Q2. क्या आत्मा को science prove कर सकती है?
👉 Science अनुभव को माप नहीं पाती, लेकिन उसे नकार भी नहीं सकती।
Q3. क्या Veda Big Bang को मानते हैं?
👉 Vedic ग्रंथ सृष्टि को चक्र (cycle) के रूप में देखते हैं, जो आधुनिक cosmology से मेल खाता है।
शायद सच यह नहीं है कि —
Science गलत है या Veda सही
बल्कि सच यह है कि —
हमने अभी Reality को पूरा समझा ही नहीं।
और यही खोज —
मनुष्य को मनुष्य बनाती है।
100 Questions based on Rigveda Samhita
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