अथर्ववेदः/काण्डं १/सूक्तम् २६

आरेऽसावस्मदस्तु - श्लोक 1

आरेऽसावस्मदस्तु हेतिर्देवासो असत् - श्लोक 1

आरेऽसावस्मदस्तु हेतिर्देवासो असत् ।
आरे अश्मा यमस्यथ ॥१॥

Hindi:
यह श्लोक कहता है कि हमारे लिए देवता मार्गदर्शक के रूप में हैं, और हम उनके माध्यम से असत्य से बचें।

English:
This verse conveys that the deities act as guides for us, leading us away from falsehood.

Word by Word:
आरे = हे | अस्मद् = हमारे | अस्तु = हो | हेतिर्देवासः = देवता मार्गदर्शक | अश्मा = पथ / बाधा | यमस्यथ = यम के अनुसार
सखासावस्मभ्यमस्तु रातिः सखेन्द्रो भगः ।
सविता चित्रराधाः ॥२॥

Hindi:
हमारे मित्र और मित्रवत देव हमारे साथ रहें, सूर्य और सुंदरता को बनाए रखें।

English:
May friendly deities remain with us, preserving the Sun and beauty.

Word by Word:
सखा = मित्र | अस्मभ्यम् = हमारे लिए | अस्तु = हो | रात्रिः = रात | सखेन्द्रः भगः = मित्रवत् देव | सविता = सूर्य | चित्रराधाः = सुंदरता
यूयं नः प्रवतो नपान् मरुतः सूर्यत्वचसः ।
शर्म यच्छथ सप्रथाः ॥३॥

Hindi:
हे मरुत और सूर्य, हमारे मार्गदर्शन में सहयोग करें और हमें सुरक्षा प्रदान करें।

English:
O Marut and Sun, assist in our path and grant us protection.

Word by Word:
यूयं = आप लोग | नः = हमारे | प्रवतो = पथ / मार्ग | नपान् = मानव | मरुतः = वायु देवता | सूर्यत्वचसः = सूर्य की किरण | शर्म = सुरक्षा | यच्छथ = प्रदान करें | सप्रथाः = हमारे साथ
सुषूदत मृडत मृडया नस्तनूभ्यो ।
मयस्तोकेभ्यस्कृधि ॥४॥

Hindi:
हे देवता, हमारे शरीर और आत्मा की रक्षा करें, और हमें संकट से दूर रखें।

English:
O deities, protect our body and soul, and keep us away from troubles.

Word by Word:
सुषूदत = उन्नत करें | मृडत = सुरक्षित करें | मृडया = सुरक्षा द्वारा | नः = हमारे | तनूभ्यः = शरीर | मयः = हमारी | स्टोकेभ्यः = संकट | कृधि = करें

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