अथर्ववेदः/काण्डं १/सूक्तम् १५

सं सं स्रवन्तु - श्लोक 1

सं सं स्रवन्तु सिन्धवः - श्लोक 1

सं सं स्रवन्तु सिन्धवः सं वाताः सं पतत्रिणः ।
इमं यज्ञं प्रदिवो मे जुषन्तां संस्राव्येण हविषा जुहोमि ॥१॥

Hindi:
हे देवता! सभी नदियाँ, सभी वायवीय शक्तियाँ और पतत्रिण देवता इस यज्ञ में संलग्न हों और मेरी हवि के साथ इसे पुष्ट करें।

English:
O deities! Let all rivers, all atmospheric forces, and the Patatrina gods partake in this sacrifice and enhance it with my oblations.

Word by Word:
सं = सभी | स्रवन्तु = बहें / प्रवाहित हों | सिन्धवः = नदियाँ | वाताः = वायु / हवा | पतत्रिणः = पतत्रिण देवता | इमं यज्ञं = यह यज्ञ | प्रदिवो = आकाश से | मे = मेरा | जुषन्तां = संतुष्ट हों | संस्राव्येण हविषा = हवि के द्वारा पुष्ट | जुहोमि = मैं अर्पित करता हूँ
इहैव हवमा यात म इह संस्रावणा उतेमं वर्धयता गिरः ।
इहैतु सर्वो यः पशुरस्मिन् तिष्ठतु या रयिः ॥२॥

Hindi:
हे देवता! इस यज्ञ से पर्वतों और पशुओं को लाभ पहुँचाएँ, और सभी जीवित प्राणी इस यज्ञ से पुष्ट हों।

English:
O deities! Let this sacrifice nourish the mountains and all creatures; may all living beings prosper from this offering.

Word by Word:
इहैव = यहीं | हवमा यात = पर्वतों को लाभ पहुँचे | म = और | इह = यहाँ | संस्रावणा = पुष्ट करना | उतेमं = सर्वोत्तम | वर्धयता = बढ़ाएँ | गिरः = पर्वत | इहैतु = यहाँ | सर्वो यः = सभी प्राणी | पशुरस्मिन् = पशु में | तिष्ठतु = रहें | या = जो | रयिः = जीवित प्राणी
ये नदीनां संस्रवन्त्युत्सासः सदमक्षिताः ।
तेभिर्मे सर्वैः संस्रावैर्धनं सं स्रावयामसि ॥३॥

Hindi:
हे देवता! जो नदियाँ प्रवाहित होती हैं और जिनकी निगरानी की जाती है, उनके द्वारा मेरी संपत्ति में वृद्धि हो।

English:
O deities! May the rivers, which flow under supervision, enrich my possessions with their flow.

Word by Word:
ये = जो | नदीनां = नदियाँ | संस्रवन्ति = प्रवाहित होती हैं | उत्सासः = जागरूक / सक्रिय | सदमक्षिताः = निगरानी वाले | तेभिः = उनके द्वारा | मे = मेरी | सर्वैः = सभी | संस्रावैः = प्रवाहों के साथ | धनं = संपत्ति | सं स्रावयामसि = बढ़ाएँ
ये सर्पिषः संस्रवन्ति क्षीरस्य चोदकस्य च
तेभिर्मे सर्वैः संस्रावैर्धनं सं स्रावयामसि ॥४॥

Hindi:
हे देवता! जो सरसों और दूध जैसे अमृतवत प्रवाह हैं, उनके द्वारा मेरी संपत्ति में वृद्धि हो।

English:
O deities! Let the flows like ghee and milk enhance my wealth.

Word by Word:
ये = जो | सर्पिषः = घी | संस्रवन्ति = बहते हैं | क्षीरस्य = दूध | च = और | उदकस्य = जल | तेभिः = उनके द्वारा | मे = मेरी | सर्वैः = सभी | संस्रावैः = प्रवाहों से | धनं = संपत्ति | सं स्रावयामसि = बढ़ाएँ

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