अथर्ववेदः/काण्डं १/सूक्तम् १६

अमावास्यां रात्रिमुदस्थुर्व्राजमत्त्रिणः - श्लोक 1

येऽमावास्यां रात्रिमुदस्थुर्व्राजमत्त्रिणः - श्लोक 1

येऽमावास्यां रात्रिमुदस्थुर्व्राजमत्त्रिणः ।
अग्निस्तुरीयो यातुहा सो अस्मभ्यमधि ब्रवत्॥१॥

Hindi:
इस अमावस्या की रात में, वे त्रिण देवता उदय हों, और अग्नि हमारे मध्य से प्रवाहित हो।

English:
On this new moon night, may the three Trini deities rise, and may Agni flow among us.

Word by Word:
येऽमावास्यां = इस अमावस्या में | रात्रिमुदस्थु = रात में उत्पन्न हों | व्राजमत्त्रिणः = त्रिण देवता | अग्निः = अग्नि | तुरीयो = तीसरा | यातुहा = वह चले / प्रवाहित हो | सो = वह | अस्मभ्यमधि = हमारे बीच | ब्रवत् = प्रवाहित हो
सीसायाध्याह वरुणः सीसायाग्निरुपावति ।
सीसं म इन्द्रः प्रायच्छत्तदङ्ग यातुचातनम्॥२॥

Hindi:
वरुण सीस पर आसीन हो, अग्नि सीस पर स्थापित हो, और इन्द्र सीस से बल प्रदान करे, ताकि त्रिण देवता हमारे पास आएँ।

English:
Varuna sits upon the seat, Agni establishes on the seat, and Indra provides strength from the seat, so that the Trini deities come near us.

Word by Word:
सीसायाध्याह = सीस पर बैठे | वरुणः = वरुण | सीसायाग्निः = सीस पर अग्नि | उपावति = स्थापित हो | सीसं म = सीस से | इन्द्रः = इन्द्र | प्रायच्छत् = बल प्रदान करे | तदङ्ग = उस प्रकार | यातुचातनम् = त्रिण देवता आएँ
इदं विष्कन्धं सहत इदं बाधते अत्त्रिणः ।
अनेन विश्वा ससहे या जातानि पिशाच्याः॥३॥

Hindi:
यह अर्पित वस्तु सुरक्षित रहे, और त्रिण देवता इसे बनाए रखें, ताकि सभी विश्व के पिशाच इससे डरें।

English:
May this offering remain safe, and may the Trini deities guard it, so that all the demons of the world fear it.

Word by Word:
इदं = यह | विष्कन्धं = अर्पित वस्तु | सहत = सुरक्षित | बाधते = बनाए रखें | अत्त्रिणः = त्रिण देवता | अनेन = इसके द्वारा | विश्वा = सभी | ससहे = डरें | या जातानि = जो उत्पन्न हुए | पिशाच्याः = राक्षस / पिशाच
यदि नो गां हंसि यद्यश्वं यदि पूरुषम् ।
तं त्वा सीसेन विध्यामो यथा नोऽसो अवीरहा॥४॥

Hindi:
यदि गाय हो, हंस हो या अश्व या मनुष्य, तो उसे सीस द्वारा सुरक्षित करें, जैसे कि वह हमारे लिए अविनाशी है।

English:
If it is a cow, a swan, a horse, or a human, may it be protected by the seat, as if it is indestructible for us.

Word by Word:
यदि = यदि | नो = हमारे लिए | गां = गाय | हंसि = हंस | यद्यश्वं = या अश्व | यदि पूरुषम् = या मनुष्य | तं = उसे | त्वा सीसेन = सीस द्वारा | विध्यामो = सुरक्षित करें | यथा = जैसे | नोऽसो = हमारे लिए | अवीरहा = अविनाशी

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