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बेशर्त प्रेम ओशो प्रवचन

प्रेम और प्रेम में बहुत भेद है, क्योंकि प्रेम बहुत तलों पर अभिव्यक्त हो सकता है। जब प्रेम अपने शुद्धतम रूप म…

साधक और सतगुरु ओशो

प्रश्न: सदगुरु मिल गए। साधक को इसकी प्रत्यभिज्ञा, पहचान कैसे हो?  साधक हो, तो क्षणभर की देर नहीं लगती। साधक …

कोई भविष्य नहीं है ओशो

इसकी पूरी संभावना है कि जहां तक जीवन का संबंध है, कोई भविष्य नहीं होगा। हम ऐसे रास्ते के करीब आ रहे हैं जिसके…

भगवत्ता एक सत्य है ओशो

भगवत्ता एक सत्य है; भगवान एक कल्पना। भगवत्ता एक अनुभव है; भगवान, एक प्रतीक, एक प्रतिमा। जैसे तुमने भारत माता…

नया मनुष्य ,ओशो

नया मनुुष्य ओशो  आनंदित हों कि पुराना मर रहा है... नया मनुष्य कोई युद्धक्षेत्र नहीं है, विभाजित व्यक्तित्व नह…

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