उप प्रागाद्देवो अग्नी रक्षोहामीवचातनः - श्लोक 1
उप प्रागाद्देवो अग्नी रक्षोहामीवचातनः ।
दहन्न् अप द्वयाविनो यातुधानान् किमीदिनः ॥१॥
दहन्न् अप द्वयाविनो यातुधानान् किमीदिनः ॥१॥
Hindi:
हे अग्नि! तू हमारे मार्ग की रक्षा कर, और इन यातुधानों को नष्ट कर, जैसे वे दोहरे होते हैं।
English:
O Agni! Protect our path, and destroy these Yatudhanas (demonic forces) as if they were doubled.
हे अग्नि! तू हमारे मार्ग की रक्षा कर, और इन यातुधानों को नष्ट कर, जैसे वे दोहरे होते हैं।
English:
O Agni! Protect our path, and destroy these Yatudhanas (demonic forces) as if they were doubled.
Word by Word:
उप = पास | प्राग = पहले / अग्रिम | अद्देवो = देवता | अग्नी = अग्नि | रक्षः = रक्षा कर | हामि = मैं चाहता हूँ | इव = जैसे | चातनः = सक्रिय | दहन्न् = जलाओ / नष्ट करो | अप् = भी | द्वयाविनो = दोहरे रूप के | यातुधानान् = राक्षस / बाधक | किमीदिनः = किस प्रकार आज
उप = पास | प्राग = पहले / अग्रिम | अद्देवो = देवता | अग्नी = अग्नि | रक्षः = रक्षा कर | हामि = मैं चाहता हूँ | इव = जैसे | चातनः = सक्रिय | दहन्न् = जलाओ / नष्ट करो | अप् = भी | द्वयाविनो = दोहरे रूप के | यातुधानान् = राक्षस / बाधक | किमीदिनः = किस प्रकार आज
प्रति दह यातुधानान् प्रति देव किमीदिनः ।
प्रतीचीः कृष्णवर्तने सं दह यातुधान्यः ॥२॥
प्रतीचीः कृष्णवर्तने सं दह यातुधान्यः ॥२॥
Hindi:
हे देव! हर ओर से ये यातुधान आ रहे हैं, उन्हें नष्ट कर और उनके काले रास्तों को समाप्त कर।
English:
O Deva! These Yatudhanas approach from all sides; burn them and destroy their dark paths.
हे देव! हर ओर से ये यातुधान आ रहे हैं, उन्हें नष्ट कर और उनके काले रास्तों को समाप्त कर।
English:
O Deva! These Yatudhanas approach from all sides; burn them and destroy their dark paths.
Word by Word:
प्रति = प्रति / हर ओर से | दह = जलाओ / नष्ट करो | यातुधानान् = राक्षस / बाधक | प्रति देव = हे देव | किमीदिनः = किस प्रकार आज | प्रतीचीः = पूर्व दिशा | कृष्णवर्तने = काले मार्ग | सं = सभी | दह यातुधान्यः = राक्षसों को नष्ट करो
प्रति = प्रति / हर ओर से | दह = जलाओ / नष्ट करो | यातुधानान् = राक्षस / बाधक | प्रति देव = हे देव | किमीदिनः = किस प्रकार आज | प्रतीचीः = पूर्व दिशा | कृष्णवर्तने = काले मार्ग | सं = सभी | दह यातुधान्यः = राक्षसों को नष्ट करो
या शशाप शपनेन याघं मूरमादधे ।
या रसस्य हरणाय जातमारेभे तोकमत्तु सा ॥३॥
या रसस्य हरणाय जातमारेभे तोकमत्तु सा ॥३॥
Hindi:
जो शत्रु चुपके से काम करते हैं, या जो रस / शक्ति को छीनने आते हैं, उन्हें नष्ट कर।
English:
Destroy those enemies who act stealthily or come to seize our vital essence.
जो शत्रु चुपके से काम करते हैं, या जो रस / शक्ति को छीनने आते हैं, उन्हें नष्ट कर।
English:
Destroy those enemies who act stealthily or come to seize our vital essence.
Word by Word:
या = जो | शशाप = शत्रु | शपनेन = चोरी / चुपके से | याघं = हानि / बलिदान | मूरमादधे = मूर्खतापूर्ण कार्य | रसस्य = शक्ति / जीवनसत्व | हरणाय = छीनने के लिए | जातमारेभे = उत्पन्न होने वाले | तोकमत्तु = उन्हें नष्ट करो | सा = वही
या = जो | शशाप = शत्रु | शपनेन = चोरी / चुपके से | याघं = हानि / बलिदान | मूरमादधे = मूर्खतापूर्ण कार्य | रसस्य = शक्ति / जीवनसत्व | हरणाय = छीनने के लिए | जातमारेभे = उत्पन्न होने वाले | तोकमत्तु = उन्हें नष्ट करो | सा = वही
पुत्रमत्तु यातुधानीः स्वसारमुत नप्त्यम् ।
अधा मिथो विकेश्यो वि घ्नतां यातुधान्यो वि तृह्यन्तामराय्यः ॥४॥
अधा मिथो विकेश्यो वि घ्नतां यातुधान्यो वि तृह्यन्तामराय्यः ॥४॥
Hindi:
हे अग्नि! ये यातुधान हमारे पुत्रों और परिवार पर भी हमला कर रहे हैं; उन्हें रोक और नष्ट कर।
English:
O Agni! These Yatudhanas attack our sons and family; restrain and destroy them.
हे अग्नि! ये यातुधान हमारे पुत्रों और परिवार पर भी हमला कर रहे हैं; उन्हें रोक और नष्ट कर।
English:
O Agni! These Yatudhanas attack our sons and family; restrain and destroy them.
Word by Word:
पुत्रम् = पुत्र | अत् = हमारा | यातुधानीः = राक्षस | स्वसारम् = परिवार | नप्त्यम् = पुत्र / परिवार | अधा = नीचे / उपर | मिथः = छिपकर / धोखा | विकेश्यो = नष्ट करो | घ्नतां = नष्ट हो | तृह्यन्ताम् = समाप्त हो | अराय्यः = बाधक
पुत्रम् = पुत्र | अत् = हमारा | यातुधानीः = राक्षस | स्वसारम् = परिवार | नप्त्यम् = पुत्र / परिवार | अधा = नीचे / उपर | मिथः = छिपकर / धोखा | विकेश्यो = नष्ट करो | घ्नतां = नष्ट हो | तृह्यन्ताम् = समाप्त हो | अराय्यः = बाधक


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