3. याज्ञवल्क्य एवं मैत्रेयी कथा
6. किससे प्रेरित होकर 'विश्व गति करता है
9. संपूर्ण देखने पर ही सत्य का ज्ञान होता है
13 राजा आजातशत्रु तथा दम्भी बालकी की कथा
14. ईन्द्रियों में परस्पर विवार
15. उद्दालक तथा याज्ञवल्क्य संबाद
17. गार्गी तथा याज्ञवल्क्य संबाद
20 ब्रह्मचारी तथा दो मुनी की कथा
21. सत्यकाम द्वारा गौश्रुती का रहस्योद्घाटन
24. सत्यकाम की गौ सेवा से ब्रह्मज्ञान
28. महात्मा रैक्व और राजा जानश्रुती की कथा
30. गार्गी और याज्ञवल्क्य की कथा
31. याज्ञवल्क्य और मैत्रेयी की कथा
सत्यकाम द्वारा गोश्रुति को रहस्योद्धाटन From Chandogya Upanishad, 5.2
सृष्टि की कथा From Aitareya Upanishad
ब्रह्मचारी तथा दो मुनि From Chandogya Upanishad, 4.3
उशस्ति की कथा From Chandogya Upanishad 1.10-11
उपकोसल की कथा Chandogya Upanishad, 4.10
गार्गी तथा याज्ञवल्क्य के बीच संवाद Brihadaranyaka Upanishad 3:8
द! द! द! Brihadaranyaka Upanishad 5.2
उद्दालक तथा याज्ञवल्क्य के बीच संवाद
इन्द्रियों में परस्पर विवाद From the Chandogya Upanishad 5.1.6-15
राजा अजात शत्रु तथा दम्भी बालकी का संवाद Brihadaranyaka Upanishad, 2.1-3
प्रकाशों का प्रकाश Form Brihadaranyaka Upanishad, 4.3
इन्द्र तथा विरोचन की कथा From Chandogya Upanishad, Chapter 8.7-12
श्वेतकेतु From Chandogya Upanishad, Chapter 6
सम्पूर्ण को देखने पर ही सत्य का ज्ञान होता है From Chandogya Upanishad Section 5

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