ब्रह्माण्ड में मानव का वैज्ञानिक, मनोवैज्ञानिक और वेदांत विश्लेषण। राग‑द्वेष, कर्म और चेतना का आधुनिक विज्ञान और उपनिष…
Read more »ज्ञान विज्ञान ब्रह्मज्ञाननीचे मंत्र 6 — “त्वं नो अग्ने महोभिः पाहि विश्वस्य अरातेः। उत द्विषो मर्त्यस्य॥ (6)” की अत्यन्त गहन, सार-गर्भित,…
Read more »ज्ञान विज्ञान ब्रह्मज्ञाननीचे मंत्र 5 — “प्रेष्ठं वो अतिथिं स्तुषे मित्रमिव प्रियम्। अग्ने रथं न वेद्यम्॥ (5)” की अत्यंत गहन, सार-गर्भित,…
Read more »ज्ञान विज्ञान ब्रह्मज्ञाननीचे मंत्र 4 — “अग्निर्वृत्राणि जङ्घनद् द्रविणस्युर्विपन्यया। समिद्धः शुक्र आहुतः॥ (4)” की सार-गर्भित, दार्शनिक,…
Read more »ज्ञान विज्ञान ब्रह्मज्ञान“त्वमग्ने यज्ञानां घटित विश्वेषां हितः देवेभिर्मनुशे जने॥ (2)” की सार-गर्भित, दार्शनिक, आध्यात्मिक तथा आधुनिक परिप…
Read more »ज्ञान विज्ञान ब्रह्मज्ञाननीचे सामवेद के मंत्र 3 — “अग्निं दूतं वृणीमहे होतारं विश्ववेदसम्। अस्य यज्ञस्य सुकृतम्॥ (3)” की सार-गर्भित, दार्…
Read more »ज्ञान विज्ञान ब्रह्मज्ञानब्रह्म क्या है? — वेद और उपनिषदों के अनुसार सम्पूर्ण विवेचन प्रस्तावना “ब्रह्म क्या है?” यह प्रश्न केवल दार्शनिक जि…
Read more »ज्ञान विज्ञान ब्रह्मज्ञान