दुष्ट जन जगत में ही हैं, सज्जनों को उनसे संग्राम करके अपनी और जगत की रक्षा करना ही होगी। --- वेद
GVB
जनवरी 29, 2024
प्रत्यु॑ष्ट॒ꣳरक्षः॒ प्रत्यु॑ष्टा॒ऽअरा॑तयो॒ निष्ट॑प्त॒ꣳरक्षो॒ निष्ट॑प्ता॒ऽअरा॑तयः। उ॒र्व᳕न्तरि॑क्ष॒मन्वे॑मि ॥७॥ हिन्दी - स्वामी दयानन्...
