शं नो देवीरभिष्टय आपो - श्लोक 1
शं नो देवीरभिष्टय आपो भवन्तु पीतये । शं योरभि स्रवन्तु नः ॥१॥
Hindi:
हमारे लिए देवियों की कृपा से जल (आप) शुभ हों और हमारे लिए उपयोगी बनें।
English:
May the divine waters be auspicious and nourishing for us through the blessings of the goddesses.
हमारे लिए देवियों की कृपा से जल (आप) शुभ हों और हमारे लिए उपयोगी बनें।
English:
May the divine waters be auspicious and nourishing for us through the blessings of the goddesses.
Word by Word:
शं = शुभ | नो = हमारे लिए | देवीरभिष्टय = देवीयों की कृपा से | आपो = जल / waters | भवन्तु = हो | पीतये = उपयोगी / nourishing | योरभि = तुमसे | स्रवन्तु = प्रवाहित हों / flow | नः = हमारे लिए
शं = शुभ | नो = हमारे लिए | देवीरभिष्टय = देवीयों की कृपा से | आपो = जल / waters | भवन्तु = हो | पीतये = उपयोगी / nourishing | योरभि = तुमसे | स्रवन्तु = प्रवाहित हों / flow | नः = हमारे लिए
अप्सु मे सोमो अब्रवीदन्तर्विश्वानि भेषजा । अग्निं च विश्वशंभुवम् ॥२॥
Hindi:
मेरे लिए सोम ने कहा कि सभी औषधियाँ जल में और अग्नि में उपयोगी हों।
English:
In the waters, Soma proclaimed that all medicines should be effective, and Agni should be universally beneficial.
मेरे लिए सोम ने कहा कि सभी औषधियाँ जल में और अग्नि में उपयोगी हों।
English:
In the waters, Soma proclaimed that all medicines should be effective, and Agni should be universally beneficial.
Word by Word:
अप्सु = जल में | मे = मेरे लिए | सोमः = सोम | अब्रवीत = कहा | अन्तर = भीतर | विश्वानि = सभी | भेषजा = औषधियाँ | अग्निं = अग्नि | च = और | विश्वशंभुवम् = सभी में उपयोगी / universally beneficial
अप्सु = जल में | मे = मेरे लिए | सोमः = सोम | अब्रवीत = कहा | अन्तर = भीतर | विश्वानि = सभी | भेषजा = औषधियाँ | अग्निं = अग्नि | च = और | विश्वशंभुवम् = सभी में उपयोगी / universally beneficial
आपः पृणीत भेषजं वरूथं तन्वे मम । ज्योक्च सूर्यं दृशे ॥३॥
Hindi:
जल मेरे शरीर को औषधियों और बल प्रदान करें, ताकि मैं सूर्य को देख सकूं।
English:
May the waters fill me with medicines and strength so that I may behold the Sun.
जल मेरे शरीर को औषधियों और बल प्रदान करें, ताकि मैं सूर्य को देख सकूं।
English:
May the waters fill me with medicines and strength so that I may behold the Sun.
Word by Word:
आपः = जल | पृणीत = पूरित करें | भेषजं = औषधि | वरूथं = बल | तन्वे = मेरे शरीर में | मम = मेरे | ज्योक्च = ताकि | सूर्यं = सूर्य | दृशे = देख सकूं
आपः = जल | पृणीत = पूरित करें | भेषजं = औषधि | वरूथं = बल | तन्वे = मेरे शरीर में | मम = मेरे | ज्योक्च = ताकि | सूर्यं = सूर्य | दृशे = देख सकूं
शं न आपो धन्वन्याः शमु सन्त्वनूप्याः । शं नः खनित्रिमा आपः शमु याः कुम्भ आभृताः । शिवा नः सन्तु वार्षिकीः ॥४॥
Hindi:
जल हमारे लिए सुखद और शांतिपूर्ण हों, हमारे खेतों को उर्वर बनाएं, और वर्षा शुभ हो।
English:
May the waters bring peace and prosperity to us, fertilize our fields, and may the rains be auspicious.
जल हमारे लिए सुखद और शांतिपूर्ण हों, हमारे खेतों को उर्वर बनाएं, और वर्षा शुभ हो।
English:
May the waters bring peace and prosperity to us, fertilize our fields, and may the rains be auspicious.
Word by Word:
शं = शुभ | न = न | आपो = जल | धन्वन्याः = हमारे खेतों के लिए | सन्त्वनूप्याः = शांतिपूर्ण / serene | खनित्रिमा = खेत | यः = जो | कुम्भ = बर्तन / vessels | आभृताः = ढके / covered | शिवा = शुभ | वार्षिकीः = वर्षा
शं = शुभ | न = न | आपो = जल | धन्वन्याः = हमारे खेतों के लिए | सन्त्वनूप्याः = शांतिपूर्ण / serene | खनित्रिमा = खेत | यः = जो | कुम्भ = बर्तन / vessels | आभृताः = ढके / covered | शिवा = शुभ | वार्षिकीः = वर्षा


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