अथर्ववेदः काण्डं १ सूक्तं १.२ अथर्वा

विद्मा शरस्य पितरं - Ayurveda Sukta

अथर्ववेदः काण्डं १ सूक्तं १.२ अथर्वा

विद्मा शरस्य पितरं पर्जन्यं भूरिधायसम् ।
विद्मो ष्वस्य मातरं पृथिवीं भूरिवर्पसम् ॥१॥

Hindi:
हम जानते हैं कि आकाश का पिता पर्जन्य है और पृथ्वी माता है। ये हमारे जीवन और समृद्धि के लिए आधार हैं।

English:
We know that Parjanya (Sky) is the father and the Earth is the mother. They are the foundation of life and prosperity.

Word by Word:
विद्मा = हम जानते हैं | शरस्य = आकाश / तीर | पितरं = पिता | पर्जन्यं = पर्जन्य | भूरिधायसम् = भूमि का दाता | ष्वस्य = उसकी | मातरं = माता | पृथिवीं = पृथ्वी | भूरिवर्पसम् = भूमि की संपदा
ज्याके परि णो नमाश्मानं तन्वं कृधि ।
वीडुर्वरीयोऽरातीरप द्वेषांस्या कृधि ॥२॥

Hindi:
हे वाणी के स्वामी! हमें ज्ञान की शक्ति प्रदान करें और हमें दुष्टता और द्वेष से बचाएँ।

English:
O Lord of Speech! Grant us the power of knowledge and protect us from malice and hatred.

Word by Word:
ज्याके = हे | परि = चारों ओर | णो = हमें | नमाश्मानं = श्रद्धा / नमन | तन्वं = शक्ति | कृधि = दें | वीडुर्वरीयो = श्रेष्ठ ज्ञानी | अरातीरप = दुष्टता | द्वेषांस्या = द्वेष | कृधि = दूर करो
वृक्षं यद्गावः परिषस्वजाना अनुस्फुरं शरमर्चन्त्यृभुम् ।
शरुमस्मद्यावय दिद्युमिन्द्र ॥३॥

Hindi:
पेड़ और गायों की तरह स्थिरता और जीवन का पोषण देने वाले तत्वों का सम्मान करें।

English:
Respect elements like trees and cows that provide stability and nourishment.

Word by Word:
वृक्षं = पेड़ | यद्गावः = और गायें | परिषस्वजाना = सम्मान दें | अनुस्फुरं = जीवित बनाए | शरमर्चन्त्यृभुम् = पूजा | शरुमस्मद्यावय = आज | दिद्युमिन्द्र = देवता दे
यथा द्यां च पृथिवीं चान्तस्तिष्ठति तेजनम् ।
एवा रोगं चास्रावं चान्तस्तिष्ठतु मुञ्ज इत्॥४॥

Hindi:
जैसे आकाश और पृथ्वी में प्रकाश और ऊर्जा रहती है, वैसे ही हमें रोग और दोषों से सुरक्षा मिले।

English:
As light and energy exist in the sky and earth, may we be protected from diseases and impurities.

Word by Word:
यथा = जैसे | द्यां = आकाश | पृथिवीं = पृथ्वी | चान्तस्तिष्ठति = स्थिर रहता है | तेजनम् = प्रकाश / ऊर्जा | एवा = इसी तरह | रोगं = रोग | चास्रावं = दोष | चान्तस्तिष्ठतु = सुरक्षित रखो | मुञ्ज = जीवन
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