मीमांसा दर्शन सूत्र 3.5.1–15 हिन्दी-अंग्रेज़ी व्याख्या
मीमांसा दर्शन – अध्याय 3.5.1–15
हिन्दी एवं English Explanation
३.५.१ — आज्याच् च सर्वसंयोगात्
हिन्दी: आज्ये (आज्ञा) का प्रभाव सभी संबंधों में लागू होता है।
English: The authority (Aajya) is effective in all connections.
३.५.२ — कारणाच् च
हिन्दी: कर्म का कारण इसे संचालित करता है।
English: The cause determines the functioning of the act.
३.५.३ — एकस्मिन्त् समवत्तशब्दात्
हिन्दी: यदि शब्द एक समान रूप में प्रयोग किया गया है, तो उसका अर्थ एकसमान माना जाता है।
English: If a word occurs uniformly, its meaning is considered identical.
३.५.४ — आज्ये च दर्शनात्स्विष्टकृदर्थवदस्य
हिन्दी: आज्ञा का दर्शन, जैसे कि स्विष्टकृत कर्म का अर्थ, उसे समझने योग्य बनाता है।
English: Observation of authority (Aajya) clarifies acts like Swishtakrid for proper understanding.
३.५.५ — अशेषत्वात् तु नैवं स्यात् सर्वादानाद् अशेषता
हिन्दी: पूर्णता या अशेषता सभी दानों में समान रूप से नहीं होती।
English: Completeness (Asheshata) does not occur uniformly in all donations.
३.५.६ — साधारण्यान् न ध्रुवायां स्यात्
हिन्दी: सामान्य कर्म या साधारण क्रियाएँ हमेशा निश्चित परिणाम नहीं देतीं।
English: Ordinary acts do not always yield a fixed result.
३.५.७ — अवत्तत्वाच् च जुह्वां तस्य च होमसंयोगात्
हिन्दी: जुह्वा (आहुति) अव्यवस्थित नहीं होती, और इसका संबंध होम (यज्ञ) से है।
English: The offering (Juhva) is organized and linked to Homa (sacrificial fire).
३.५.८ — चमसवद् इति चेत्
हिन्दी: यदि इसे चमस की तरह मापा जाए, तो यह मात्रात्मक मूल्यांकन दर्शाता है।
English: If measured like a spoon (Chamas), it indicates quantitative evaluation.
३.५.९ — न चोदनाविरोधाद् धविः प्रकल्पनात्वाच् च
हिन्दी: कार्य में विरोध न होने और स्पष्ट योजना के कारण इसकी पुष्टि होती है।
English: Its confirmation arises due to absence of contradiction and clear planning.
३.५.१० — उत्पन्नाधिकारात् सति सर्ववचनम्
हिन्दी: उत्पन्न अधिकार या कर्ता के कारण सभी आदेश या वचन लागू होते हैं।
English: All instructions apply due to arising authority or agent.
३.५.११ — जातिविशेषात् परम्
हिन्दी: किसी विशेष जाति या प्रकार के कारण प्राथमिकता दी जाती है।
English: Priority is given due to a particular class or type.
३.५.१२ — अन्त्यम् अरेकार्थे
हिन्दी: अंत का निर्धारण किसी एक विशेष अर्थ में किया जाता है।
English: The end is determined in a specific intended sense.
३.५.१३ — साकम्प्रस्थाय्ये स्विष्टकृद् इडं च तद्वत्
हिन्दी: जैसा कि स्विष्टकृत और इडं (यज्ञ में भोग) में लागू होता है।
English: As applied in Swishtakrid and Idam (offerings in sacrifice).
३.५.१४ — सौत्रामण्यां च ग्रहेषु
हिन्दी: सौत्रामण्य ग्रन्थों और ग्रह संबंधी कर्मों में भी लागू होता है।
English: Applies also in Sutramanya texts and planetary-related acts.
३.५.१५ — तद्वच् च शेषवचनम्
हिन्दी: संबंधित शेष वचन के अनुसार ही कर्म या नियम निश्चित होता है।
English: The act or rule is determined according to the remaining corresponding statement.
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