जीवन का उद्देश्य

दुःखजन्मप्रवृत्तिदोषमिथ्याज्ञानानामुत्तरोत्तरापाये तदनन्तरापायादपवर्गः II1/1/2 न्यायदर्शन अर्थ : तत्वज्ञान से मिथ्या ज्ञान का नाश हो जाता है और मिथ्या ज्ञान के नाश से राग द्वेषादि दोषों का नाश हो जाता है, दोषों के नाश से प्रवृत्ति का नाश हो जाता है। प्रवृत्ति के नाश होने से कर्म बन्द हो जाते हैं। कर्म के न होने से प्रारम्भ का बनना बन्द हो जाता है, प्रारम्भ के न होने से जन्म-मरण नहीं होते और जन्म मरण ही न हुए तो दुःख-सुख किस प्रकार हो सकता है। क्योंकि दुःख तब ही तक रह सकता है जब तक मन है। और मन में जब तक राग-द्वेष रहते हैं तब तक ही सम्पूर्ण काम चलते रहते हैं। क्योंकि जिन अवस्थाओं में मन हीन विद्यमान हो उनमें दुःख सुख हो ही नहीं सकते । क्योंकि दुःख के रहने का स्थान मन है। मन जिस वस्तु को आत्मा के अनुकूल समझता है उसके प्राप्त करने की इच्छा करता है। इसी का नाम राग है। यदि वह जिस वस्तु से प्यार करता है यदि मिल जाती है तो वह सुख मानता है। यदि नहीं मिलती तो दुःख मानता है। जिस वस्तु की मन इच्छा करता है उसके प्राप्त करने के लिए दो प्रकार के कर्म होते हैं। या तो हिंसा व चोरी करता है या दूसरों का उपकार व दान आदि सुकर्म करता है। सुकर्म का फल सुख और दुष्कर्मों का फल दुःख होता है परन्तु जब तक दुःख सुख दोनों का भोग न हो तब तक मनुष्य शरीर नहीं मिल सकता !

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अद्भुत रहस्यमय घटनाएं-एने बोलेन का सिर कटा भूत

 

अद्भुत रहस्यमय घटनाएं-एने बोलेन का सिर कटा भूत 



अद्भुत रहस्यमय घटनाएं-एने बोलेन का सिर कटा भूत 

एने बोलेन इंग्लैंड के राजा किंग हेनरी अष्टम की दूसरी पत्नी थी। किंग हेनरी अष्टम की इच्छा थी कि उसके एक बेटा हो। लेकिन हर बार उसके घर बेटी का ही जन्म होता था। इसी कारण उसे अपनी पहली पत्नी को तलाक देना पडा। तलाक की प्रक्रिया में ही उसे कई साल लग गए थे, लेकिन आखिर उसे अपनी पत्नी से तलाक मिल ही गया ताकि वह दूसरा विवाह कर सके। लेकिन दूसरी पत्नी एने बोलेन भी उसे एक बेटा न दे सकी। इससे वह बहुत दुखी हो गया। 

उसे पता था कि अब उसे कानूनन दूसरी बार तलाक नहीं मिल सकता, इस कारण उसने एने पर राजद्रोह का झूठा आरोप लगाया। 

तेजी से चले मुकदमे में एने को राजद्रोह का दोषी करार दिया गया क्योंकि किंग हेनरी के कोप से सभी जज डरते थे। एने को लंदन टॉवर में ले जाकर उसका सिर कलम कर दिया गया। उसके बाद से उसका भूत लंदन टॉवर में दिखाई देने लगा। वह लोगों को अपने हाथ में अपना ही सिर लिए घूमती दिखाई देती थी। लोगों ने उसे बिना सिर के घोडागाड़ी में बैठ कर इंग्लैंड में ब्लिकिंग हॉल जाते हुए देखा। वहीं वह जन्मी थी और अपना बचपन भी उसने वहीं बिताया था।

अद्भुत रहस्यमय घटनाएं-एने बोलेन का सिर कटा भूत 

अक्सर एने का भूत मौत की सजा दिए गए दिन की बरसी पर ही दिखाई देता था। लंदन टॉवर में ही राजा का हीरों जड़ा ताज भी रखा था जिसकी चौकसी के लिए वहां संतरी लगाया गया था। हालांकि टॉवर में कड़ी सुरक्षा थी, फिर भी एक दिन उस संतरी को आधी रात को वहां एक औरत घूमती हुए दिखाई दी। 

संतरी औरत का साया देख कर घबरा गया। उसने आवाज देकर उसे रोकना चाहा, लेकिन जब वह नहीं रुकी तो उसने अपनी बंदूक की संगीन उसके जिस्म में घुसेड़ दी। लेकिन वह यह देख कर पसीने-पसीने हो गया कि संगीन उस औरत के जिस्म के आर-पार चली गई। उसने यह भी देखा कि उस औरत का सिरविहीन वह धड़ चला जा रहा था। खून से सनी गर्दन पर केवल हैट रखा था।

संतरी यह देख कर बेहोश हो गया। सुबह उसके अधिकारी ने उसे जगाकर ड्यूटी में लापरवाही बरतने के आरोप में गिरफ्तार करके उसका कोर्ट मार्शल कर दिया गया। कोर्ट मार्शल की कार्रवाई के दौरान जब उसने सिरविहीन एक औरत के वहां होने की बात बताई तो उसे झूठा करार दिया गया और उसे मौत की सजा सुनाई गई।

जब उसे मौत की सजा सुनाई गई तो पहरे पर तैनात दूसरे संतरियों ने जज को बताया कि उन्होंने भी लंदन टॉवर में एक औरत के सिरविहीन धड़ को घूमते देखा है। 

जज ने उनके बयान पर यकीन करके सजायाफ्ता संतरी को छोड़ दिया। साथ ही यह आदेश भी दिया कि उस संतरी की ड्यूटी भविष्य में लंदन टॉवर में न लगाई जाए। इस घटना का वर्णन लंदन टॉवर पर लिखी एक पुस्तक में भी किया गया है। लंदन टॉवर में आज भी वह ताज रखा है। यदि आप हिम्मतवाले हैं तो वह हॉल भी देख सकते हैं जहां कभी एने बोलेन का धड़ दिखाई दिया था। 

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