जीवन का उद्देश्य

दुःखजन्मप्रवृत्तिदोषमिथ्याज्ञानानामुत्तरोत्तरापाये तदनन्तरापायादपवर्गः II1/1/2 न्यायदर्शन अर्थ : तत्वज्ञान से मिथ्या ज्ञान का नाश हो जाता है और मिथ्या ज्ञान के नाश से राग द्वेषादि दोषों का नाश हो जाता है, दोषों के नाश से प्रवृत्ति का नाश हो जाता है। प्रवृत्ति के नाश होने से कर्म बन्द हो जाते हैं। कर्म के न होने से प्रारम्भ का बनना बन्द हो जाता है, प्रारम्भ के न होने से जन्म-मरण नहीं होते और जन्म मरण ही न हुए तो दुःख-सुख किस प्रकार हो सकता है। क्योंकि दुःख तब ही तक रह सकता है जब तक मन है। और मन में जब तक राग-द्वेष रहते हैं तब तक ही सम्पूर्ण काम चलते रहते हैं। क्योंकि जिन अवस्थाओं में मन हीन विद्यमान हो उनमें दुःख सुख हो ही नहीं सकते । क्योंकि दुःख के रहने का स्थान मन है। मन जिस वस्तु को आत्मा के अनुकूल समझता है उसके प्राप्त करने की इच्छा करता है। इसी का नाम राग है। यदि वह जिस वस्तु से प्यार करता है यदि मिल जाती है तो वह सुख मानता है। यदि नहीं मिलती तो दुःख मानता है। जिस वस्तु की मन इच्छा करता है उसके प्राप्त करने के लिए दो प्रकार के कर्म होते हैं। या तो हिंसा व चोरी करता है या दूसरों का उपकार व दान आदि सुकर्म करता है। सुकर्म का फल सुख और दुष्कर्मों का फल दुःख होता है परन्तु जब तक दुःख सुख दोनों का भोग न हो तब तक मनुष्य शरीर नहीं मिल सकता !

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भूतों का रहस्यमय सच्ची घटनाएँ-भूतों का पसंदीदा देश है ब्रिटेन

 

भूतों का रहस्यमय सच्ची घटनाएँ-भूतों का पसंदीदा देश है ब्रिटेन 

भूतों का रहस्यमय सच्ची घटनाएँ-भूतों का पसंदीदा देश है ब्रिटेन 

ब्रिटेन में ऐसे कम से कम 10 हजार स्थान हैं, जहां भूतों ने आश्रय ले रखा है। भूत यानी उन मृतकों की बेचैन आत्माएं जो जीवित व्यक्तियों को दिखाई देती हैं। वेस्टमिनिस्टर ऐबी, विंडसर कैसल और स्कॉटलैंड यार्ड जैसे चर्चित स्थानों के अलावा भी अनेक जगह ऐसी हैं, जो प्रेतात्माओं को प्रिय हैं। जैसे लंदन की वस्त्रों की एक आधुनिक दुकान, बीबीसी का एक प्रसारण केन्द्र, एक तेल शोधक कारखाना, बॉलिंग के खेल के लिए मशहूर लंबे तंग गलियारे। कोलचेस्टर के उत्तर में स्थित सार्वजनिक शौचालय में भी भूत देखने की घटनाएं हुई हैं, जहां कहा जाता है कि पेशाबघर में एक व्यक्ति प्यूरिटन संप्रदाय की पोशाक में खड़ा रहता है और एकाएक गायब हो जाता है। सर फ्रैंनसस ड्रेक और एलिजाबेथ प्रथम जैसे जाने-पहचाने चेहरों के अलावा ऐसे अनजाने साए भी हैं जो दीवार घड़ी में चाबी देते हैं, बच्चों को गुदगुदाते हैं, बेसुरे गाते हैं और यहां तक कि द्वितीय विश्वयुद्ध का स्पिटफायर यान भी उड़ाते हैं। 

भूतों का रहस्यमय सच्ची घटनाएँ

लंदन के पुराने टॉवर ऑफ लंदन को ही लीजिए। वहां का मख्य आकर्षण वह प्रसिद्ध, किंतु कभी-कभी ही दिखाई देने वाली भूतनी है, जो अपना सिर अपनी कांख में दबाए चलती है। इसके अलावा राजा हेनरी षष्ठम और उनकी रानियों, नॉर्थबरलैंड के दो अर्ल, लबादा पहने एक भिक्षु और महिलाओं को ही दिखाई देने वाला एक गरीब बूढ़ी महिला का भूत इनमें प्रमुख हैं। 

टॉवर के बारे में एक चौकीदार की एक कथा बहुत प्रचलित है। बताया जाता है कि उसका सामना एक काले भूत से हुआ। उसके बाद वह चौकीदार वहीं ढेर हो गया। एक बार 12 फरवरी, 1954 को रात के 3 बजे दो संतरियों ने भीतरी दीवार के परकोटे पर एक स्त्री को दौड़ते हुए देखा था। उस दिन लेडी जेन ग्रे का सिर कलम होने की चार सौवीं वर्षगांठ थी। 16 साल की आयु में ही उसे मार दिया गया था। इसी तरह सर वॉल्टर रैले भी इस मीनार में कई बार दिखाई दे चुके हैं। सैकड़ों सार्वजनिक इमारतें और निजी घर भी भूतों के साक्षी हैं। 

ड्रअरी लेन स्थित थिएटर रॉयल को ही लें। वहां के प्रसिद्ध भूत मैन इन ग्रे के बारे में कहा जाता है कि 17वीं सदी में उससे ईर्ष्या करने वाले एक अभिनेता ने उसकी हत्या कर दी थी और पुरानी इमारत में उसे दीवार में चिनवा दिया गया था। तब से वह कई दफा दिखाई देता है। आमतौर पर वह बालकनी की पिछली पंक्ति में दिखाई देता है और तिकोनी टोपी, डबल ब्रेस्ट का लंबा कोट और घुटनों तक का पायजामा पहने होता है तथा हाथ में तलवार भी लिए होता है। 

1862 में चार्ल्स डिकंस द्वारा स्थापित घोस्ट क्लब ब्रिटेन के भूतहा स्थलों के दौरे कराता है। क्लब के पदाधिकारी टॉम पेरट के मुताबिक लोगों को यह मानना अच्छा लगता है कि वे किसी आत्मा के निकट हैं और उससे डर भी नहीं रहे। एक बार उनकी टोली वेल्स में अंधकारमय ग्वाइडर कैसल में रातभर रुकी तो दो अमेरिकी दंपतियों का दावा था कि उन्होंने एक अजीब-सी रोशनी और चमकती आकृति देखी, जो भूत ही हो सकती थी। 

एक प्रेतात्मा मिडलैंड्स अस्पताल में उन्हीं रोगियों को दिखाई देती है, जिनकी मृत्यु करीब होती है। बहुत बार वारविकशायर के निवासियों ने चीखें और हथियारों की टंकार सनी है। यहां 1642 में इग्लैंड के गृहयुद्ध के दारान एमाल की लड़ाई लड़ी गई थी। 

कहा जाता है कि ब्रिटेन के परे एक तिहाई भूत यहां के शाही भवनों में रहते हो जस बोकघम में डिजरायली अक्सर अपने पराने घर में घमते हए देखे गए है और केट में लीड्स के किले में काला शिकारी कुत्ता घूमता है। ब्रिटेन के कुछ भागों में रोमन सैनिक सीने पर कांसे का कवच पहने चुस्त लिबास में अब भी नजर आते हैं। अब एक सदी से ज्यादा समय से इस प्रकार के दृश्यों के बारे में सोसाइटी फॉर साइकल रिसर्च को खबर की जा रही है। 

अलौकिक घटनाओं की जांच करने के लिए 1882 में स्थापित की गई इस सोसाइटी के सदस्य विलियम ग्लैडस्टन, मैरी क्यूरी और सिगमंड फ्रायड जैसे बड़े लोग रहे हैं। 

भूत बिरादरी के सदस्य 

भूत बिरादरी के सदस्य 

16वीं सदी में बग्घी सराय के रूप में बने वेडब्रिज, कॉर्नवॉल स्थित मोल्सवर्थ होटल में नए वर्ष की पूर्व संध्या को एक भूतहा बग्घी आती है, जिसे चार घोड़े खींचते हैं और उसे एक सिर कटा कोचवान चला रहा होता है। 

द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान ब्रिटेन की युद्ध केबिनेट के भूमिगत क्वाटरा में एक सैनिक अधिकारी ने आत्महत्या कर ली थी। दिन खत्म होने पर अक्सर उसी जगह बत्तियां बंद कर दिए जाने के बाद वह एक से दूसरे कमरे में जाता हुआ देखा गया है। 

टॉवर के एक अनुभवी पर्यटक गाइड का कहना है कि लोग यहां शाही मुकुट की मणियां देखने के लिए तो लाइन में लगते ही हैं, पर भूत-भूतनियों के कारण आने वालों की तादाद भी अच्छी खासी है। 

150 साल से भी ज्यादा पुराने बैंक ऑफ इंग्लैंड के भवन में एक पुराने खजांची की बहन का भूत है। खजांची को जालसाजी के आरोप में फांसी दे दी गई थी। भूत को बैंक वाली भिखारिन के रूप में जाना जाता है। कहते है कि वह हर रात अपने भाई की प्रतीक्षा करने आती है। 

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