💌 मित्रबॉक्स पर में सवाल भेजने के लिए धन्यवाद! 'रिश्तेदार' शब्द ने पिछले कुछ सालों से पूरे इंटरनेट पर हाहाकार मचा रखा है। जिसे देखो, वो ही अपने रिश्तेदारों से परेशान है। पर क्या रिश्तेदार सच में इतने बुरे होते हैं? शायद हाँ, शायद नहीं। रिश्तेदार भी दो प्रकार के होते हैं - अच्छे रिश्तेदार और बुरे रिश्तेदार। जिनके पास अच्छे रिश्तेदार होते हैं, वो किस्मत वाले होते हैं। अच्छे रिश्तेदार हमेशा बिना किसी चाहत के आपके लिए अच्छा सोचते रहते हैं। वो अपने फायदे से ज्यादा आपके फायदे के बारे में सोचते हैं। पर आज के जमाने में जैसे, अच्छे रिश्तेदार गायब से हो गए हैं।
रही बुरे रिश्तेदारों की बात। तो आइए आपको कुछ नया सिखाता हूँ। आप अखबार पढ़ते हैं? या कोई न्यूज चैनल देखते हैं? ये दोनों नहीं देखते तो ऑनलाइन वाली वीडियोज़ देखते होंगे जिसमे एस जयशंकर के आँखों से लाल ट्यूबलाइट चमक रही होती है। ये पूरा विश्व एक घर है और ये सारे देश, उस घर में रहने वाले लोग हैं। भारत के भी बहुत से रिश्तेदार हैं। कुछ अच्छे जैसे रूस और कुछ बुरे जैसे चीन। भारत दोनों से अलग-अलग बर्ताव करता है। आपको भी ऐसे ही करना होगा। इसे कूटनीति कहते हैं।
कूटनीति, ऐसी नीति जहां आक्रामण किए बिना व्यक्ति अपने मंसूबों को पूरा करता हैं। कूटनीति में हमेशा सरल और मीठी भाषा का उपयोग किया जाता है। 2020 में चीन ने हमपर आक्रमण किया पर उसके बावजूद, भाषा में मिठास नहीं गई। गुस्सा था, आक्रोश था लेकिन उसे प्रकट करने के भी अलग तरीके हमारे भारतीय राजदूतों ने अपनाएँ। ऐसा क्यों? क्योंकि जरा-सी उंच-नीच में संबंध पूरी तरह खराब हो सकते थे। संबंध क्यों जरूरी है? इस बात पर भी समझना जरूरी है।
रिश्तेदार, अच्छे हो या बुरे.. गाँव में रहने वाले लोग जानते हैं कि आपातकालीन परिस्थिति में काम वही आते हैं। शायद आप के ना आते हो पर गाँव में रहने वाले ज्यादातर लोग मेरी बात से सहमत होंगे। इसलिए, संबंध जरूरी होता है। हम मनुष्य हैं। हमारे पास धन, शक्ति, बुद्धि और ऐसे तमाम संसाधन नियमित होते हैं। इसलिए, मनुष्य एक दूसरे के सहयोग पर निर्भर रहता है। युवाओं का जोशीला खून इस बात को नहीं मानता लेकिन जो जीवन जी चुके हैं, वो समझते हैं। पर इसका मतलब ये नहीं कि हमेशा ही संबंध काम के होते हैं।
इसलिए, रिश्तेदारों के तानों का जवाब प्रेम से दीजिए। जितना कड़वा वो बोलें, आप उतना ही मीठा बोलो। अपनी बुद्धिमानी का परिचय अगर देना है तो यही सबसे अच्छा तरीका है। उल्टा जवाब देना बहुत आसान होता है, लेकिन हँसता हुआ चेहरा लेकर सरल वाणी में जवाब देना मुश्किल होता है। सब नहीं कर पाते इसलिए आपको यही करना होगा। जो सब कर ले, वो करने से इंसान महान थोड़ी बनता है। महान बनना है तो वही करो, जो मुश्किल हो।
नमस्ते!
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