जीवन का उद्देश्य

दुःखजन्मप्रवृत्तिदोषमिथ्याज्ञानानामुत्तरोत्तरापाये तदनन्तरापायादपवर्गः II1/1/2 न्यायदर्शन अर्थ : तत्वज्ञान से मिथ्या ज्ञान का नाश हो जाता है और मिथ्या ज्ञान के नाश से राग द्वेषादि दोषों का नाश हो जाता है, दोषों के नाश से प्रवृत्ति का नाश हो जाता है। प्रवृत्ति के नाश होने से कर्म बन्द हो जाते हैं। कर्म के न होने से प्रारम्भ का बनना बन्द हो जाता है, प्रारम्भ के न होने से जन्म-मरण नहीं होते और जन्म मरण ही न हुए तो दुःख-सुख किस प्रकार हो सकता है। क्योंकि दुःख तब ही तक रह सकता है जब तक मन है। और मन में जब तक राग-द्वेष रहते हैं तब तक ही सम्पूर्ण काम चलते रहते हैं। क्योंकि जिन अवस्थाओं में मन हीन विद्यमान हो उनमें दुःख सुख हो ही नहीं सकते । क्योंकि दुःख के रहने का स्थान मन है। मन जिस वस्तु को आत्मा के अनुकूल समझता है उसके प्राप्त करने की इच्छा करता है। इसी का नाम राग है। यदि वह जिस वस्तु से प्यार करता है यदि मिल जाती है तो वह सुख मानता है। यदि नहीं मिलती तो दुःख मानता है। जिस वस्तु की मन इच्छा करता है उसके प्राप्त करने के लिए दो प्रकार के कर्म होते हैं। या तो हिंसा व चोरी करता है या दूसरों का उपकार व दान आदि सुकर्म करता है। सुकर्म का फल सुख और दुष्कर्मों का फल दुःख होता है परन्तु जब तक दुःख सुख दोनों का भोग न हो तब तक मनुष्य शरीर नहीं मिल सकता !

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हबल अंतरिक्ष सूक्ष्मदर्शी क्या है? | Hubble Space Telescope की खोजें और तथ्य

हबल स्पेस टेलीस्कोप (HST) एक विशाल अंतरिक्ष दूरबीन है, जिसे पृथ्वी के चारों ओर कक्षा (Earth Orbit) में स्थापित किया गया है।



🔭 हबल अंतरिक्ष सूक्ष्मदर्शी (Hubble Space Telescope)

ब्रह्मांड को देखने वाली मानव की ऐतिहासिक आँख



🏷️ Focus Keywords


🌌 भूमिका

मानव सभ्यता सदियों से आकाश को निहारती आई है। लेकिन हबल अंतरिक्ष सूक्ष्मदर्शी ने पहली बार हमें ब्रह्मांड को वैसा देखने का अवसर दिया जैसा वह वास्तव में है। 1990 से कार्यरत यह अंतरिक्ष वेधशाला खगोल विज्ञान के इतिहास में एक क्रांतिकारी कदम साबित हुई है।


🔭 हबल स्पेस टेलीस्कोप क्या है?

हबल स्पेस टेलीस्कोप (HST) एक विशाल अंतरिक्ष दूरबीन है, जिसे पृथ्वी के चारों ओर कक्षा (Earth Orbit) में स्थापित किया गया है।
इसे नासा (NASA) ने वर्ष 1990 में लॉन्च किया था ताकि पृथ्वी के वायुमंडल से परे जाकर ब्रह्मांड का अत्यंत स्पष्ट अवलोकन किया जा सके।

पृथ्वी का वायुमंडल प्रकाश को विकृत करता है, लेकिन हबल अंतरिक्ष में होने के कारण बिना किसी बाधा के दूरस्थ आकाशगंगाओं, तारों और रहस्यमय घटनाओं को देख सकता है।


🛠️ संरचना और निर्माण

हबल का आकार एक बेलनाकार ट्यूब जैसा है। इसके मुख्य भाग हैं:

  • 🔹 2.4 मीटर व्यास का दर्पण – जो प्रकाश को एकत्र करता है
  • 🔹 सौर पैनल – ऊर्जा उत्पादन के लिए
  • 🔹 कंट्रोल सिस्टम – दिशा और स्थिरता बनाए रखने हेतु

यह दर्पण हबल का सबसे महत्वपूर्ण घटक है, क्योंकि इसी से स्पष्ट और गहरी छवियाँ प्राप्त होती हैं।


📡 हबल टेलीस्कोप के उपकरण

हबल में कई उन्नत वैज्ञानिक उपकरण लगे हैं, जिन्हें मुख्यतः तीन श्रेणियों में बाँटा गया है:

  1. कैमरा – दूरस्थ आकाशीय पिंडों की तस्वीरें लेने हेतु
  2. स्पेक्ट्रोग्राफ – प्रकाश का विश्लेषण कर तत्वों की पहचान
  3. इंटरफेरोमीटर – सूक्ष्म माप और दूरी निर्धारण

हबल पराबैंगनी (Ultraviolet), दृश्यमान (Visible) और निकट-अवरक्त (Near Infrared) तरंगों में अवलोकन कर सकता है।


🌠 हबल टेलीस्कोप की प्रमुख खोजें

🔹 1. डार्क मैटर का 3D मानचित्र

डार्क मैटर अदृश्य होता है, लेकिन उसका गुरुत्वाकर्षण प्रभाव दिखाई देता है।
हबल ने प्रकाश के झुकाव (Gravitational Lensing) के माध्यम से डार्क मैटर का त्रि-आयामी नक्शा तैयार किया।


🔹 2. डार्क एनर्जी

हबल की टिप्पणियों से यह सिद्ध हुआ कि ब्रह्मांड न केवल फैल रहा है, बल्कि उसका विस्तार तेजी से बढ़ रहा है
इस रहस्यमय शक्ति को डार्क एनर्जी कहा जाता है।


🔹 3. गामा किरण विस्फोट (GRB)

हबल ने यह स्पष्ट किया कि गामा-किरण विस्फोट अक्सर उन आकाशगंगाओं में होते हैं जहाँ तीव्र तारा निर्माण होता है।


🔹 4. ब्रह्मांड की आयु

हबल से पहले वैज्ञानिक ब्रह्मांड की आयु को लेकर असमंजस में थे।
हबल के आँकड़ों से ब्रह्मांड की आयु लगभग 13.75 अरब वर्ष मानी गई।


🔹 5. ब्लैक होल

हबल ने प्रमाणित किया कि लगभग हर बड़ी आकाशगंगा के केंद्र में सुपरमैसिव ब्लैक होल मौजूद है, जिसमें हमारी मिल्की वे भी शामिल है।


📌 रोचक तथ्य

  • 🔧 लॉन्च के बाद हबल का दर्पण दोषपूर्ण निकला, जिसे अंतरिक्ष यात्रियों ने मरम्मत मिशन द्वारा ठीक किया
  • 🌑 हबल ने प्लूटो के दो नए चंद्रमा — हाइड्रा और निक्स — की खोज की
  • 🚀 हबल को भविष्य में जेम्स वेब स्पेस टेलीस्कोप द्वारा प्रतिस्थापित किया जा रहा है

🧠 निष्कर्ष

हबल अंतरिक्ष सूक्ष्मदर्शी ने मानव की ब्रह्मांडीय समझ को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाया है।
यह केवल एक दूरबीन नहीं, बल्कि मानव जिज्ञासा और विज्ञान की विजय का प्रतीक है।



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