सत्येन्द्रनाथ बोस

#सत्येन्द्रनाथ बोस भारत के वह शोधकर्ता थे, जिन्हें 2012 में न्यूयॉर्क टाइम्स अखबार में "गॉड पार्टिकल" के रूप में वर्णित किया गया था। वह अपने 1924 के शोध के लिए प्रसिद्ध हैं। उनका यह शोध "बोस-आइंस्टीन क्वांटम" के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है।

तो चलिए जानते हैं "गॉड पार्टिकल" सत्येन्द्रनाथ बोस से जुड़े कुछ रोचक तथ्य-
1.भौतिकी के क्षेत्र में उनके योगदान को देखते हुए, विज्ञानी पाल डिरक ने ‘बोसोन पार्टिकल’ का नाम उनके नाम पर रखा था।

2. सत्येंद्रनाथ बोस को बंगाली और अंग्रेजी के अलावा, फ्रेंच, जर्मन और संस्कृत भी आती थी। इसके साथ ही वह लॉर्ड टेनीसन, रबिन्द्रनाथ टैगोर और कालिदास की कविताओं में भी रुचि रखते थे।

3. जब सत्येंद्रनाथ बोस के शोध पत्र 'प्लैंक लॉ एंड द हाइपोथिसिस ऑफ लाइट क्वांटा' को छापने से मना कर दिया गया था, तब बोस ने अपना यह शोध पत्र एल्बर्ट आइंस्टीन को भेजा, जिन्होंने इस शोध पत्र के महत्व को समझा और इसका जर्मनी में ट्रांसलेशन कर बोस के नाम पर इसे छपवाया।

4. बोस ने 1926 में ढाका यूनिवर्सिटी में प्रोफेसर के पद के लिए आवेदन किया था, लेकिन तब वह इस पद के लिए क्वालीफाई नहीं कर पाए थे, क्योंकि उनके पास डॉक्टरेट की डिग्री नहीं थी। लेकिन अल्बर्ट आइंस्टीन की सिफारिश के बाद, उन्हें विभाग का विभागाध्यक्ष बनाया गया।
#indorejunction  #History #इतिहास_के_पन्नों_से #SatyendraNathBose #indianhistory  #thehistroyfacts

एक टिप्पणी भेजें

If you have any Misunderstanding Please let me know

और नया पुराने